दुमका: विवेक राउत के घर छापेमारी पर विवाद, IFS अधिकारी समेत वन विभाग की टीम पर FIR दर्ज, जानिए पूरा मामला

News11 Bharat

विवेक राउत के आवास पर हुई छापेमारी पर अब विवाद बढ़ता नजर आ रहा है. मामले में ट्रेनी IFS अधिकारी और वन विभाग की टीम के खिलाफ FIR दर्ज की गयी है.

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क:
 झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के पूर्व निजी सचिव विवेकानंद राउत उर्फ विवेक राउत के आवास पर शनिवार को हुई छापेमारी के बाद बड़ा बवाल हो गया है. दरअसल 18 जुलाई को दुमका जिले के महुआ डंगाल स्थित विवेक राउत के आवास पर वन विभाग की छापेमारी पड़ी थी.  अब इस छापेमारी का नेतृत्व कर रहे ट्रेनी IFS अधिकारी और वन विभाग की टीम के खिलाफ दुमका नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज हो गयी है. अधिकारियों के खिलाफ विवेक राउत के भांजे भू देव राउ ने FIR दर्ज करवाई है. दर्ज FIR में अधिकारियों पर बिना सर्च वारंट के घर में घुसने, दुर्व्यवहार करने और गलत पते पर छापेमारी करने का गंभीर आरोप लगाया गया है. 

बिना सर्च वारंट छापेमारी का आरोप 

पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है कि शनिवार, 18 जुलाई की सुबह वन विभाग की टीम बिना किसी सर्च वारंट के उनके घर में घुस गई और रोकने के बावजूद जबरन घर की तलाशी लेने लगी. शिकायतकर्ता भू देव ने बताया कि घर के लगातार वन कर्मियों को समझाते रहे कि वे जिस पंकज कुमार राउत को तलाश रहे हैं, यह उनका घर नहीं है. यह घर विवेक कुमार राउत का है, जबकि पंकज राउत रिश्ते में विवेक राउत के भतीजे लगते हैं. इसके बावजूद वन विभाग की टीम ने उनकी एक न सुनी और जबरन घर की तलाशी ली.

10 मिनट तक चली छापेमारी 

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार शनिवार अहले सुबह करीब 5 बजे वन विभाग की टीम झारखंड पुलिस के जवानों को साथ लेकर विवेक राउत के आवास पर पहुंची. छापेमारी की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकठ्ठा हो गए. लोगों ने छापेमारी करने पहुंचे अधिकारियों से सर्च वारंट की मांग की. काफी बहस होने के बाद इस बात पर सहमति बनी कि केवल कुछ लोग ही घर के अंदर जायेंगे. इसके बाद ट्रेनी IFS अधिकारी अपने बॉडीगार्ड और महिला पुलिस कर्मियों के साथ घर के अंदर गए. करीब 10 मिनट तक छानबीन करने के बाद जब वे बाहर निकले, तो आक्रोशित जनता ने उन्हें घेर लिया, हालांकि, अधिकारी घर से कुछ नहीं मिलने की बात कहकर निकल गए.

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार यह मामला पिछले वर्ष 13 जून को क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद ‘लालजी पटेल एंड कंपनी सॉ मिल’ (आरा मिल) के संचालन की सूचना मिली थी. इस मामले में वन विभाग ने छापेमारी की थी. उस वक्त पंकज राउत और मिल संचालक जयपाल राउत ने वन कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया था. इस मामले में जब चार्जशीट दाखिल की गई, तो दोनों को नामजद आरोपी बनाया गया.  इसी केस में शनिवार को महुआ डंगाल स्थित आवास पर आरोपी पंकज राउत की गिरफ्तारी के लिए वन विभाग की टीम पहुंची थी, लेकिन वह वहां नहीं मिला. और अब यह मामला गरमाता नजर आ रहा है. 

इसे भी पढ़ें: कोयला तस्करी पर CISF का बड़ा एक्शन: 3 हफ्तों में 1798 MT से ज्यादा अवैध कोयला जब्त, 84 वाहन सीज