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धनबाद/डेस्क: धनबाद नगर निगम ने बगैर स्वीकृत नक्शा के भूली बाईपास रोड, आरा मोड़ स्थित गोल्डेन वेडिंग पैलेस को तोड़ने का आदेश दिया है. निगम प्रशासन ने भवन वाद संख्या-02/2026 में पारित आदेश के अनुसार "गोल्डेन वेडिंग पैलेस" के संबंध में जांच, सुनवाई एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया गया. जांच में यह पाया गया कि उक्त भवन का निर्माण सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृत भवन नक्शा प्राप्त किए बिना किया गया है. साथ ही भवन में अनिवार्य सेटबैक (खुली जगह) तथा पार्किंग की व्यवस्था भी नहीं है. वर्तमान में भवन का उपयोग विवाह भवन (मैरेज हॉल) के रूप में किया जा रहा है.
सुनवाई के दौरान भवन स्वामी गोल्डेन को अपना पक्ष रखने तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कई अवसर दिए गए, लेकिन वे भवन निर्माण की वैध स्वीकृति से संबंधित कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके. बाद में भवन स्वामी ने स्वयं भी स्वीकार किया कि भवन का नक्शा स्वीकृत नहीं है तथा नियमितीकरण के लिए आवेदन करने की बात कही.
उपलब्ध साक्ष्यों एवं अभिलेखों के आधार पर नगर आयुक्त ने झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 के प्रावधानों के तहत उक्त निर्माण को अवैध (अनधिकृत) निर्माण घोषित कर दिया.
आदेश के अनुसार भवन स्वामी को 15 दिनों के भीतर स्वयं अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया है. यदि निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं किया जाता है, तो धनबाद नगर निगम द्वारा नियमानुसार भवन को हटाने की कार्रवाई की जाएगी तथा इस पर होने वाला पूरा खर्च संबंधित भवन स्वामी से वसूला जाएगा.
इसके अतिरिक्त, भवन स्वामी पर ₹10 लाख (दस लाख रुपये) का दंड भी लगाया गया है, जिसे आदेश की तिथि से 15 दिनों के भीतर नगर निगम कोष में जमा करना होगा.
धनबाद नगर निगम प्रशासन ने कहा है कि किसी भी प्रकार का भवन निर्माण शुरू करने से पहले सक्षम प्राधिकारी से भवन का स्वीकृत नक्शा अवश्य प्राप्त कर लें तथा भवन निर्माण से संबंधित सभी नियमों का पालन करें. नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सूत्रों के अनुसार उक्त भवन का मालिक स्क्रैप कारोबारी वासेपुर निवासी गोल्डेन है, जो भगोड़ा प्रिंस खान का करीबी है. पुलिस प्रिंस खान के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है और उसके तमाम सहयोगियों को या तो जेल के सलाखों के पीछे बंद कर रही है या फिर उसके आर्थिक स्रोतों को ध्वस्त कर रही है. इसी कड़ी में इस गोल्डेन वेडिंग पैलेस का भी नाम जुड़ा, जिसकी जांच कर निगम प्रशासन को शिकायत की गई. निगम प्रशासन ने पांच माह में सुनवाई पूरी कर भवन को ध्वस्त करने का आदेश भी पारित कर दिया.
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