राहुल कुमार/न्यूज11भारत
चंदवा/डेस्क: टोरी-चंदवा रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण की मांग को लेकर 15 जून को प्रस्तावित किसानों और माकपा की पदयात्रा के समर्थन में बुधवार को कामता पंचायत में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया.
अभियान में माकपा के वरिष्ठ नेता अयुब खान, माईकल हंश, सनीका मुंडा, मुन्ना मुंडा समेत कई कार्यकर्ता शामिल हुए. नेताओं ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बताया कि वर्ष 2020-21 में टोरी-चंदवा फ्लाईओवर ब्रिज परियोजना को स्वीकृति मिली थी तथा 3 अप्रैल 2021 को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा इसका ऑनलाइन शिलान्यास किया गया था. हालांकि शिलान्यास के पांच वर्ष बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है.
नेताओं ने कहा कि परियोजना की प्रारंभिक लागत लगभग 43 करोड़ रुपये थी, जो संशोधित प्राक्कलन में बढ़कर 119.71 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है. बताया गया कि अब तक करीब छह बार टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया. एक बार संवेदक ने कम राशि का हवाला देते हुए कार्य छोड़ दिया था.
माकपा नेताओं ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि टोरी रेलवे क्रॉसिंग पर प्रतिदिन हजारों लोग घंटों जाम में फंसने को मजबूर हैं. जाम के कारण मरीजों, एम्बुलेंस, यात्रियों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
उन्होंने कहा कि टोरी रेलवे क्रॉसिंग रांची, गुमला, लोहरदगा, गढ़वा, पलामू, लातेहार, हजारीबाग और चतरा समेत कई जिलों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है. लंबे समय से लंबित आरओबी निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने के उद्देश्य से 15 जून को पदयात्रा आयोजित की जा रही है.
अभियान के दौरान लोगों से बड़ी संख्या में पदयात्रा में शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की गई.
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