राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी द्वारा 2008 से 2020 के दौरान किए गए निर्माण कार्यों की वर्तमान हालत, देखें रिपोर्ट

Ark Sahuliyar

बड़ाम, जराटोली, पतरातु और चुट्टु की कतिपय सुविधाएं अच्छी स्थिति में. लिगल क्लिनिक को अधिक सक्रिय व कार्यक्षम बनाने की जरूरत

न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क:
राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी ने झारखण्ड के प्रतिनिधि के रूप में 2008 से 2020 के दौरान जो सुविधाएं खड़ी की थी इसका जायजा लिया. 18 जून 2026 में एक बार फिर झारखण्ड से राज्यसभा में चुने जाने के बाद करीब 6 सालों के अंतराल के बाद बड़ाम-जराटोली, पतरातु और चुट्टु आदर्श ग्रामों की सुविधाओं और रांची नगर में निर्मित कुछ सुविधाओं के बारे में प्रथमदर्शी रिपोर्ट अपने व्यक्तिगत स्त्रोतों से प्राप्त की. उद्देश्य यह देखना था कि इन सुविधाओं का उचित उपयोग हो रहा है या नहीं.

करमटोली में आदिवासी छात्रों के लिए बनवाए गए पुस्तकालय भवन का समुचित उपयोग हो रहा है और आदिवासी छात्र इससे लाभान्वित हो रहे है यह संतोषजनक है. रांची स्थित महेन्द्र प्रसाद महिला महावि‌द्यालय में बनवाये गए वर्ग खण्ड और अन्य सुविधाएं छात्राओं की शिक्षा में उपयोगी सिध्ध हो रही है. एक तरह से यह कार्य नारी सशक्तिकरण का भी उदाहरण है. रांची नगर निगम के पुराने अस्पताल भवन को ध्वस्त कर के नए सिरे से जिस अस्पताल भवन का पुनःनिर्माण करवाया था वह अब पूर्णतया कार्यरत है और लोगों को वाजिब दामों में चिकित्सा सेवा एवम् दवाइयां उपलब्ध हो रही हैं.

परिमल नथवाणी ने बड़ाम पंचायत के अंतर्गत चाव से एक भव्य लिगल क्लिनिक बनवाया था. झारखण्ड हाइकोर्ट के तत्कालीन न्यायमूर्ति डी. एन. पटेल ने भी इसमें विशेष रुचि लेकर मार्गदर्शन किया था. रांची ज़िला कानूनी सेवा प्राधिकरण (DLSA) द्वारा इस लिगल क्लिनिक का संचालन हो रहा था. यह लिगल क्लिनिक अब भी चल रहा है यह खुशी की बात है लेकिन उसे अधिक सुचारु, सक्रिय एवम् कार्यक्षम बनाने कि जरूरत है. क्योंकि बिना रांची गए ग्रामजनों को कानूनी सेवा सुविधा प्राप्त हो इसके लिए अधिक लिगल एवम् पैरा लिगल कर्मचारीगण नियुक्त किए जाए यह जरूरी है. कानून पढ़ते छात्रों को भी इस कार्य में जोड़ा जाए और गांवों की जनता इस का अधिकाधिक उपयोग करे इसके लिए लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए. झारखण्ड हाइकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति से भी गुजारिश है कि इस लिगल क्लिनिक को अधिक कार्यक्षम और सक्रिय बनाने हेतु सबका मार्गदर्शन करे.

पुलिस विभाग के लिए बड़ाम में ट्राफिक ओफिस का भवन बनवा कर दिया था जो पूर्ण रूप से उपयोग में लिया जा रहा है और ट्राफिक पुलिस के लिए यह एक अच्छी सुविधा हो गई है. बडाम-जराटोली और घुट्टु आदि को मुख्य मार्ग से जोड़ती पक्की सड़कें अभी भी अच्छी तरह से मेनटेन हो रही है और कहीं उसमें टूट-फूट नहीं है यह अच्छी बात है. सभी ग्रामीण सड़कें साफ-सुथरी और स्वच्छ पाई गई. यह अच्छी बात है. गौरतलब है कि ग्रामीण सड़कें बनवाकर उन्हें मुख्य मार्ग से जोड़ कर ग्रामजनों को सामाजिक और आर्थिक उत्थान की मुख्य धारा में जोड़ सकते हैं.

इतना ही नहीं, बड़ाम पंचायत के अंतर्गत जराटोली में सड़क के किनारे सांसद नथवाणीजी द्वारा लगाई गई पेय जल सुविधा का स्थानिक लोगों द्वारा अच्छा उपयोग हो रहा है. हालांकि उस जगह का तनिक साफ-सफाई करके, पैड़-पौधे लगाकर और रंगाई-पुताई करके सौंदर्याकरण करने की जरूरत महसूस हो रही है और स्थानिक ग्रामजनों को इसके रखरखाव के लिए प्रात्साहित वह शिक्षित किया जाए यह जरूरी है.

इसी तरह जराटोली के प्राईमरी स्कूल भी अच्छी स्थिति में ही है लेकिन इसमें भी रंगाई-पुताई और थोडी बहोत मरम्मत करके इसे बेहतर बनाया जा सकता है. वही बड़ाम का मिडल स्कूल भी सुचारू रूप से चल रहा है. अब तक इस स्कूल में आर्थिक रूप से पिछड़े और जनजाति वर्ग के करीब 500 छात्र इस सुविधा से लाभान्वित हुए है. बड़ाम एवम् चुट्टु में शुरू किए गए सिलाई प्रशिक्षण केन्द्र अभी भी चल रहे है जो खुशी की बात हैं और नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम है. इसी प्रकार रैण्डो करमटोली में चल रहे उन्नत कृषि प्रशिक्षण केन्द्र स्थानिक किसानों को प्रशिक्षित एवम् समृध्ध करने की दिशामें एक उत्कृष्ट कार्य कर रहा है.

जराटोली बाल उ‌द्यान, अखरा स्थल, आंगनबाडी, स्वास्थ्य उपकेन्द्र, जराटोली की गलियों में लगाए गये पेवर ब्लोक्स, सड़कें, पंचायत भवन और कब्रस्तान, आदि वाकई अच्छी स्थिति में है. कुछ जगहों पर साफ़-सफाई, मामूली मरम्मत और रंगाई-पुताई से यह सुविधाएं ओर भी दिखने में बेहतर लग सकती हैं. इनका उपयोग भी निरंतर हो रहा है. रांची में हरमु स्थित मुक्तिधाम को भी नया रंग-रूप दिया गया, पेड़, पौधे लगाए गये और शांति और सुकुन मिले ऐसा माहौल बनाया गया.

एक खास बात जो ध्यान में आई है वह यह कि सरना स्थल या मंदिर के आसपास के रखरखाव और नियमित उपयोग का उत्तरदायित्व स्थानिक लोगों ने स्वयम् ले लिया है और वे इनकी समय-समय पर साफ़-सफाई पेन्टिंग इत्यादि अपने आप करते हैं यह खुशी की बात है. ऐसा सभी स्थानों पर हो तो और अच्छा होगा. सांसद नथवाणी को जो बात अखरती है वह यह कि कई सुविधाएं बंद और बिना उपयोग के सुनसान पड़ी रही है. जराटोली और बड़ाम के कम्युनिटी हॉल, सार्वजनिक शौचालय, एम्बुलन्स गाडियां बंद हालत में हैं. यह स्थिति अच्छी नहीं है. ये सुविधाएं उपयोग में न लिए जाने के कारण सड़ रही है. यह दुःखद है.

तात्पर्य यह है कि सांसद परिमल नथवाणी ने अपने झारखण्ड के राज्यसभा सांसद के रूप में 2008 से 2020 की दो अवधियों में सांसद निधि और कहीं कहीं व्यक्तिगत लागत से उत्कृष्ट कार्य किया और लोगों के लिए उपयोगी सुविधाओं का निर्माण करवाया उनमें से कुछ एक बेहतर हालत में होने के बावजूद उपयोग में न लिए जाने के कारण इन्हें बंद हालत में देखना बुरा लगता है. सम्बद्ध संस्थाओं, स्थानिक प्रशासन और जिन लोगों के लिए यह सुविधाएं बनी हैं उन्हें चाहिए कि इन सुविधाओं को व्यापक जनहित में उपयोग में लेने के लिए आवश्यक कदम उठाएं.