डीडीसी ने बरवाडीह में योजनाओं की समीक्षा की, आवास निर्माण में लापरवाही पर सर्टिफिकेट केस की चेतावनी

Pramod Kumar,News11 Bharat,

सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया

प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत

बरवाडीह/डेस्क: उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सैय्यद रियाज अहमद ने मंगलवार को बरवाडीह प्रखंड कार्यालय सभागार में विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक की. बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), अबुआ आवास योजना, पीएम जनमन आवास योजना, मनरेगा तथा 15वें वित्त आयोग की योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई. उन्होंने सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया.समीक्षा के दौरान डीडीसी ने स्पष्ट कहा कि जिन लाभुकों ने आवास योजना की राशि प्राप्त करने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं किया है, उन्हें हर हाल में जल्द आवास निर्माण पूर्ण करना होगा. बिना उचित कारण निर्माण कार्य लंबित रखने वाले लाभुकों के विरुद्ध सर्टिफिकेट केस दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे लाभुकों की सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.बैठक में एटीआर मद से संबंधित लंबित राशि की भी समीक्षा की गई. डीडीसी ने सभी मुखिया, पंचायत सचिव एवं पंचायत सेवकों को निर्देश दिया कि लंबित राशि अविलंब जमा कर वित्तीय प्रक्रिया पूरी करें. साथ ही योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्ता बनाए रखने की हिदायत दी.बैठक के बाद डीडीसी ने बरवाडीह में प्रस्तावित डाक बंगला निर्माण के लिए चयनित भूमि का स्थल निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने का निर्देश दिया. इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी रेश्मा रेखा मिंज, अंचलाधिकारी लवकेश सिंह सहित प्रखंड व पंचायत स्तर के अधिकारी मौजूद रहे.

इसी दौरान बेतला पंचायत के पोखरी खुर्द निवासी सद्दाम अंसारी ने डीडीसी, बीडीओ एवं अंचलाधिकारी को आवेदन सौंपकर प्रधानमंत्री आवास योजना, अबुआ आवास योजना अथवा पीएम जनमन आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की मांग की. उन्होंने बताया कि 3 अगस्त की शाम उनका कच्चा मिट्टी-खपड़ैल का मकान भरभराकर गिर गया, जिससे घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गया. हालांकि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई. सद्दाम का कहना है कि उन्हें अब तक किसी भी सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं मिला है और उनका परिवार फिलहाल तिरपाल के सहारे रहने को मजबूर है. प्रशासन से उन्होंने शीघ्र आवास स्वीकृत कराने की मांग की है.

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