गढ़वा जिले में कम हो रही बारिश किसान परेशान, हिस्से में थोड़ी बहुत बारिश तो दूसरे हिस्से में सूखे की आहट

Pramod Kumar,News11 Bharat,

मानसून की सक्रियता कम रहने और लगातार बिजली संकट के कारण जिले में खरीफ की खेती गंभीर संकट में <br/>

अरुण कुमार यादव/न्यूज11  भारत

गढ़वा/डेस्क: गढ़वा जिले मे प्रकृति भी क्या खेल खेल रही है जिले के एक हिस्से मे थोड़ी बहुत बारिश तो दूसरे हिस्से मे सूखा की आहट हो रही है. इस वर्ष की बारिश ने तोड़ी किसानों की उम्मीद तो दूसरी तरफ बिजली संकट ने भी किसानों की बढ़ाई मुश्किलें, जिले मे अबतक महज 4.29 प्रतिशत ही रोपनी. कंही सूखे की आहट तो नहीं. क्योंकि जुलाई में सामान्य से 149.1 मिमी कम हुई बारिश. गढ़वा समय पर मानसून की सक्रियता नहीं होने और लगातार बिजली संकट के कारण गढ़वा जिले में खरीफ खेती गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है.

जुलाई महीने में सामान्य से काफी कम वर्षा होने और कई क्षेत्रों में अनियमित बिजली आपूर्ति के चलते धान की रोपनी प्रभावित हो गई है. कृषि विभाग के आंकड़े बताते हैं कि जिले में 56,400 हेक्टेयर धान रोपनी के लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल 2,420 हेक्टेयर भूमि पर ही रोपनी हो सकी है, जो महज 4.29 प्रतिशत है. इससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. जिले में जुलाई माह के दौरान सामान्य वर्षापात 362.4 मिमी के मुकाबले केवल 212.8 मिमी बारिश दर्ज की गई. पिछले वर्ष जुलाई में 381.9 मिमी वर्षा हुई थी, जबकि इस वर्ष उसी अवधि में 149.1 मिमी कम बारिश हुई. पर्याप्त वर्षा नहीं होने से खेतों में पानी का अभाव है और अधिकांश किसान धान की रोपनी शुरू नहीं कर पाए हैं. यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ उत्पादन पर व्यापक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.

बारिश की कमी के बीच बिजली संकट ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है. सबसे खराब स्थिति कांडी प्रखंड की बताई जा रही है, जहां किसानों का आरोप है कि 24 घंटे में दो घंटे भी नियमित बिजली नहीं मिल रही है. सिंचाई के लिए बिजली चालित मोटरों पर निर्भर किसान पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से खेतों तक पानी नहीं पहुंचा पा रहे हैं. नतीजतन रोपनी का कार्य लगातार प्रभावित हो रहा है. इधर किसान अब आसमान और प्रशासन, दोनों की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं. यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई और बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं आया, तो जिले में धान उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है.

कृषि पदाधिकारी का मानना है कि अभी तक जिले मे बारिश अपेक्षा के अनुसार नहीं हुआ है इसलिए रोपनी भी कम हुई है 15 अगस्त तक बारिश का समय है इस सप्ताह बारिश की संभावना है उम्मीद है की धान की रोपनी होंगी. उन्होंने किसानों से अपील भी की है की किसान अन्य फसले भी लगा सकते है.

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