प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत
बरवाडीह/डेस्क: बरवाडीह रेल क्षेत्र में आउटसोर्सिंग के माध्यम से सौ से अधिक कर्मी कार्यरत हैं. इन कर्मियों को उनकी योग्यता के अनुसार सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय और सुविधाएं मिलने का प्रावधान है, लेकिन आरोप है कि उन्हें निर्धारित मानदेय से कम भुगतान किया जा रहा है तथा कई सुविधाओं में भी कटौती की जा रही है.इसी मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर ने रेल मंत्री, रेलवे बोर्ड के जीएम तथा डीआरएम को पत्र भेजकर जांच और कार्रवाई की मांग की है.
पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि रनिंग रूम और आरओएच में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों को सरकार द्वारा तय मजदूरी नहीं दी जा रही है. साथ ही रेस्ट और अन्य सुविधाओं के नाम पर भी कटौती की जा रही है, जो नियमों के विरुद्ध है.उन्होंने यह भी कहा है कि कई मजदूरों को मजदूरी बैंक खाते में भुगतान करने के बजाय नगद और कम राशि देकर भुगतान किया जाता है. ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है.पत्र के माध्यम से उन्होंने आउटसोर्सिंग व्यवस्था में पारदर्शिता लागू करने की मांग करते हुए कहा है कि जिस स्थान पर आउटसोर्सिंग कर्मी कार्य करते हैं, वहां कर्मियों का नाम, निर्धारित मजदूरी और अन्य आवश्यक जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जानी चाहिए, ताकि मजदूरों का शोषण रोका जा सके.
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