आशिष शास्त्री/न्यूज11 भारत
सिमडेगा/डेस्क: उपायुक्त सिमडेगा कंचन सिंह की अध्यक्षता में निषिद्ध मादक पदार्थों के विरुद्ध जिला स्तरीय कार्यशाला-सह-शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन समाहरणालय सभागार में किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त कंचन सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे, उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी, वन प्रमंडल पदाधिकारी शशांक शेखर सिंह, परियोजना निदेशक आईटीडीए सरोज तिर्की, अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र कुमार तथा अनुमंडल पदाधिकारी सुमन तिर्की द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. कार्यक्रम में जिले के सभी विभागों के पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी एवं अन्य कर्मी उपस्थित रहे.
उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उपायुक्त सिमडेगा ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए अत्यंत घातक है. यह केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि सामाजिक एवं आर्थिक व्यवस्था को भी कमजोर करता है. उन्होंने कहा कि सरकार कानून बनाती है और प्रशासन उसे लागू करता है, किंतु किसी भी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक होती है. जब तक समाज स्वयं नशे जैसी बुराइयों को अस्वीकार नहीं करेगा, तब तक केवल कानूनी कार्रवाई से पूर्ण सफलता प्राप्त नहीं की जा सकती.
उपायुक्त ने कहा कि जिस प्रकार दहेज प्रथा के विरुद्ध कानून बनने के बावजूद सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता बनी रही, उसी प्रकार नशे के विरुद्ध भी सामाजिक आंदोलन खड़ा करना होगा. उन्होंने कहा कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति प्रशासन का सहयोगी बनकर इस अभियान से जुड़े और अपने आसपास के लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करे. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति तक नशे के दुष्प्रभावों तथा उससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी पहुंचाएं.
उन्होंने कहा कि नशे की लत इतनी गंभीर होती है कि व्यक्ति इसके दुष्परिणामों को जानने के बावजूद स्वयं को रोक नहीं पाता. ऐसे लोगों को केवल सलाह नहीं, बल्कि मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक सहयोग की आवश्यकता होती है. समाज को नशाग्रस्त व्यक्तियों को तिरस्कृत करने के बजाय उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने का प्रयास करना चाहिए. उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक जिले की परिस्थितियां अलग होती हैं, इसलिए सिमडेगा की स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिला-विशिष्ट रणनीति तैयार की जाएगी. उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि अभियान के दौरान किए गए कार्यों और उपलब्धियों को निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करें, ताकि जिले के प्रयासों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जा सके. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विभागों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयास से नशा मुक्ति अभियान सफल होगा और इसके सकारात्मक परिणाम समाज में देखने को मिलेंगे.
पुलिस अधीक्षक ने अपने संबोधन में कहा कि 10 जून से 25 जून 2026 तक जिले भर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी तेजी से नशे की चपेट में आ रही है, जबकि यही वर्ग देश और समाज के विकास का आधार है. उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार केवल स्वास्थ्य की समस्या नहीं है, बल्कि इसका संबंध आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रहित से भी जुड़ा हुआ है. नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार से अर्जित धन का उपयोग कई बार आपराधिक एवं राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में भी किया जाता है.
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशे के कारण परिवारों में तनाव, आर्थिक समस्याएं, सामाजिक विघटन तथा कई बार आत्मघाती प्रवृत्तियां भी उत्पन्न होती हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी परिवार का सदस्य नशे की गिरफ्त में है तो उसे छिपाने के बजाय नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचाने में सहयोग करें. उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी तथा सरकार द्वारा उपलब्ध पुरस्कार योजना का भी लाभ दिया जाएगा. उन्होंने मेडिकल दुकानों के माध्यम से साइकोट्रोपिक दवाओं के दुरुपयोग पर भी चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों को सतर्कता बरतने का आह्वान किया.
उप विकास आयुक्त ने कहा कि नशे को केवल अवैध पदार्थों तक सीमित नहीं समझना चाहिए. तंबाकू, सिगरेट, शराब तथा कुछ दवाओं का दुरुपयोग भी समाज के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है. उन्होंने कहा कि युवाओं में नशे को फैशन और आधुनिकता से जोड़कर देखा जाना चिंताजनक है. सोशल मीडिया और साथियों के दबाव के कारण कई युवा नशे की शुरुआत कर देते हैं, जो बाद में गंभीर लत का रूप ले लेती है. उन्होंने कहा कि नशा किसी भी व्यक्ति को सम्मान नहीं दिलाता, बल्कि उसका स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर और पारिवारिक जीवन प्रभावित करता है. इसलिए युवाओं को जागरूक कर सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना आवश्यक है.
वन प्रमंडल पदाधिकारी ने कहा कि नशा सामाजिक और मानसिक दोनों स्तरों पर विनाशकारी प्रभाव डालता है. युवाओं को यह समझना होगा कि नशा किसी प्रकार की आधुनिकता या प्रतिष्ठा का प्रतीक नहीं है. उन्होंने कहा कि समाज और परिवार की जागरूकता ही इस समस्या के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा सभी लोगों को मिलकर नशा मुक्त समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए.
सिविल सर्जन ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया. सिविल सर्जन ने बताया कि सदर अस्पताल में संचालित नशा मुक्ति केंद्र के माध्यम से नशाग्रस्त व्यक्तियों का उपचार, परामर्श एवं पुनर्वास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए सदर अस्पताल से प्रभात फेरी भी निकाली गई है. उन्होंने अपील की कि नशे से प्रभावित व्यक्तियों को समय पर उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाए ताकि उन्हें सामान्य जीवन की ओर वापस लाया जा सके.
इसके अलावे अपर समाहर्ता ने भी उपस्थित लोगों को संबोधन कर नशे के विरुद्ध व्यापक जागरूकता अभियान चलने एवं सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस अभियान को सफल बनाने की बात कहीं.
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने अभियान की रूपरेखा एवं कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 10 जून से 25 जून 2026 तक जिलेभर में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा. इस दौरान जिला स्तरीय सेमिनार, शपथ ग्रहण कार्यक्रम, ग्राम स्तरीय चौपाल, प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, बाजार एवं हाटों में जनजागरूकता अभियान, कार्यशालाएं तथा संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके अतिरिक्त पोस्टर, बैनर, हैंडबिल, पेंटिंग प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से लोगों को नशीले पदार्थों के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से युवाओं को अभियान का केंद्र बिंदु बनाया गया है, क्योंकि वर्तमान समय में युवा वर्ग नशे के प्रभाव से सर्वाधिक प्रभावित हो रहा है. नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि परिवार और समाज की संरचना को भी प्रभावित करता है. इसलिए जनसहभागिता के माध्यम से नशा मुक्त सिमडेगा के लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा.
कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निषिद्ध मादक पदार्थों के विरुद्ध जनजागरूकता फैलाने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का शपथ दिलाई.
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