सागर कुमार/न्यूज11 भारत
भुरकुंडा/डेस्क: श्रीअग्रसेन स्कूल, भुरकुंडा में शनिवार को विद्यार्थियों के लिए एक मोटिवेशनल सेशन का आयोजन हुआ. सेशन के मुख्य वक्ता प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, प्रख्यात साहित्यकार एवं स्कूल के पूर्व प्राचार्य डॉ के के दास ने बच्चों को संबोधित किया. इससे पूर्व विद्यालय के निदेशक प्रवीण राजगढ़िया, प्राचार्य विवेक प्रधान और शिक्षकों के द्वारा उनका ढोल मांदर के बीच पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया गया. डॉ दास ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए जीवन, शिक्षा, अनुशासन, संस्कार और सफलता के अनेक पहलुओं पर अपनी बात रखी.
डॉ दास ने कहा कि जीवन में सफल होने के लिए सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनना जरूरी है. केवल पढ़ाई में अच्छे अंक लाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानवीय मूल्यों को अपनाना भी उतना ही आवश्यक होता है.ईमानदारी, विनम्रता, संवेदनशीलता और दूसरों के प्रति सम्मान की भावना ही किसी व्यक्ति को समाज में एक अलग पहचान दिलाती है.
उन्होंने कहा कि जीवन में कभी भी अपनी तुलना किसी दूसरे व्यक्ति से न करें. हर बच्चे के भीतर अलग-अलग प्रतिभा और क्षमता होती है. यदि हम अपनी ताकत को पहचानकर मेहनत करें, तो अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं. दूसरों से तुलना करने के बजाय स्वयं को हर दिन पहले से बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए.
डॉ दास ने परिवार के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि माता-पिता और परिवार हमारे जीवन की सबसे बड़ी ताकत होते हैं. विद्यार्थियों को अपने परिवार की भावनाओं को समझना चाहिए, उनका सम्मान करना चाहिए और उनके त्याग और संघर्ष की कद्र करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जो बच्चे अपने परिवार और शिक्षकों का सम्मान करना सीख जाते हैं, वे जीवन में कभी रास्ता नहीं भटकते. जीवन में हमेशा अपना लक्ष्य तय करें और उसे पाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें. रास्ते में कठिनाइयाँ आएँगी, असफलताएँ भी मिलेंगी, लेकिन उनसे घबराकर रुकना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि सफलता उन्हीं लोगों को मिलती है, जो हर चुनौती का सामना करते हुए आगे बढ़ते रहते हैं. स्वयं को ऊर्जावान बनाए रखें और सीखने की ललक कभी खत्म नहीं होने दें.
विद्यालय के निदेशक प्रवीण राजगढ़िया ने कहा कि हर बच्चा अपने भीतर असीम संभावनाएँ लेकर जन्म लेता है. एक विद्यालय का दायित्व केवल उसे पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं, बल्कि उसके व्यक्तित्व को इस तरह गढ़ना है कि वह जीवन की हर चुनौती का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सके. डॉ दास जैसे अनुभवी शिक्षाविद् का सान्निध्य विद्यार्थियों के लिए एक अमूल्य अवसर है.
डॉ दास का संक्षिप्त परिचय
डॉ केके दास देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों में गिने जाते हैं. वे कई प्रसिद्ध सीबीएसई विद्यालयों में प्राचार्य के रूप में अपनी सेवाएँ दे चुके हैं, जिनमें श्री अग्रसेन स्कूल, भुरकुंडा भी शामिल है. वे ओड़िया भाषा एवं साहित्य के प्रख्यात कवि और लेखक हैं. अब तक लगभग 37 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं. शिक्षा, साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें अनेक प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं सामाजिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं. इस अवसर पर डॉ दास की धर्मपत्नी शुभांगी दास भी मौजूद थीं.
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