अखिलेश सिंह के कथित आर्थिक नेटवर्क पर ईडी का शिकंजा, रोहतक बियर प्लांट में छापेमारी

Dipali Kumari

ईडी की टीम ने हरियाणा के रोहतक स्थित विक्रम उद्योग प्राइवेट लिमिटेड के बियर फैक्ट्री बोतलिंग और पैकेजिंग प्लांट में छापेमारी की है.

न्यूज़11 भारत 
जमशेदपुर/डेस्क:
शहर के कुख्यात अपराधी अखिलेश सिंह से जुड़े कथित आर्थिक नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बार फिर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. ईडी की टीम ने हरियाणा के रोहतक स्थित विक्रम उद्योग प्राइवेट लिमिटेड के बियर फैक्ट्री बोतलिंग और पैकेजिंग प्लांट में छापेमारी की है. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई हवाला के जरिए करीब 150 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन की जांच के सिलसिले में की गयी है.

सूत्रों के अनुसार, ईडी ने इस मामले में पहले ही ईसीआईआर (इन्फोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट) दर्ज की थी. अब इसी जांच को आगे बढ़ाते हुए एजेंसी ने रोहतक स्थित प्लांट में दबिश दी है. जांच एजेंसी को आशंका है कि कुछ संदिग्ध आर्थिक लेन-देन और हवाला नेटवर्क के तार इस मामले से जुड़े हो सकते हैं.

ईडी की कार्रवाई से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, विक्रम उद्योग प्राइवेट लिमिटेड के बियर फैक्ट्री बोतलिंग और पैकेजिंग प्लांट का संचालन किया जाता है. जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि कंपनी और इससे जुड़े लोगों के बीच वित्तीय लेन-देन का स्वरूप क्या रहा है और क्या इसमें किसी अवैध धन के इस्तेमाल की संभावना है.

जांच का दायरा हरियाणा के अलावा पंजाब और छत्तीसगढ़ तक फैला हुआ है. सूत्रों के अनुसार, हवाला नेटवर्क के तार पंजाब के लुधियाना और छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित कोल ब्लॉक क्षेत्रों तक जुड़े होने की जानकारी सामने आयी है. जांच एजेंसी कथित तौर पर उन वित्तीय चैनलों की जांच कर रही है, जिनके माध्यम से बड़ी रकम का स्थानांतरण किया गया. इसमें कुछ संदिग्ध नोट नंबरों और लेन-देन के रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है.

विक्रम शर्मा हत्याकांड के बाद पहली बड़ी कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, विक्रम शर्मा हत्याकांड के बाद ईडी की यह पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है. एजेंसी अब हत्या मामले से जुड़े संभावित आर्थिक पहलुओं की भी जांच कर रही है. जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि अपराध जगत से जुड़े लोगों के बीच आर्थिक लेन-देन और संपत्ति के स्रोत क्या रहे हैं.

अखिलेश सिंह का नाम जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में कई आपराधिक मामलों में सामने आता रहा है. पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े मामले दर्ज रहे हैं. लंबे समय से जांच एजेंसियां उसके कथित आर्थिक साम्राज्य और संपत्तियों की जांच करती रही हैं.

कोर्ट से राहत के बाद फिर बढ़ी जांच की गतिविधि

सूत्रों के मुताबिक, कुछ महीने पहले दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से जुड़े एक मामले में राहत मिलने के बाद अब ईडी की ओर से दोबारा बड़ी कार्रवाई की गयी है. हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर ईडी की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित हवाला नेटवर्क के जरिए किस-किस व्यक्ति या संस्था को धन पहुंचाया गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल रहे हैं.

कई राज्यों तक फैला जांच का दायरा

ईडी की जांच केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है. मामले में हरियाणा, पंजाब और छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों को जांच के दायरे में रखा गया है. एजेंसी आर्थिक दस्तावेजों, बैंक खातों, कंपनियों के रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय गतिविधियों की जांच कर रही है.

जांच के दौरान यदि अवैध धन के लेन-देन या मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े तथ्य सामने आते हैं तो आगे और कार्रवाई की संभावना जतायी जा रही है. फिलहाल ईडी की टीम दस्तावेजों और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड को खंगाल रही है. कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जांच एजेंसी को क्या-क्या अहम सुराग मिले हैं और आगे की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ेगी.

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