धर्मेंद्र शर्मा/न्यूज़11 भारत
निरसा/डेस्क: मैथन रोड स्थित झिलिया पुल निर्माण के दौरान हाल ही में हुई बारिश में बह गए डायवर्सन का आज गुरुवार को कार्यपालक अभियंता ने स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया. उनके साथ विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे. निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारियों के समक्ष निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही और खराब गुणवत्ता को लेकर जोरदार विरोध जताया.
हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि डायवर्सन बह जाने से हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है. स्कूली बच्चों, कामकाजी लोगों, मरीजों तथा स्थानीय व्यवसायियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी ने मजबूत और सुरक्षित डायवर्सन नहीं बनाया, जिसके कारण पहली ही तेज बारिश में वह बह गया.
मौके पर कार्यपालक अभियंता ने निर्माण एजेंसी को आवश्यक निर्देश देते हुए आश्वासन दिया कि कल तक वैकल्पिक डायवर्सन तैयार कर आवागमन शुरू करा दिया जाएगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लगभग एक महीने के भीतर झिलिया पुल का निर्माण कार्य पूरा कर पुल को आम जनता के लिए चालू करने का प्रयास किया जाएगा.
जोरदार आंदोलन की चेतावनी
हालांकि जनप्रतिनिधियों ने विभाग के आश्वासन पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर डायवर्सन तैयार नहीं किया गया, तो स्थानीय लोगों के साथ मिलकर जोरदार आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि आंदोलन के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों और संबंधित एजेंसी की होगी.
निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने भी जल्द से जल्द सुरक्षित आवागमन बहाल करने और पुल निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की. क्षेत्रवासियों का कहना है कि झिलिया पुल इस इलाके की महत्वपूर्ण संपर्क कड़ी है और इसके बाधित रहने से प्रतिदिन हजारों लोगों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. विभाग के आश्वासन के बाद अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि तय समय के भीतर डायवर्सन और पुल निर्माण का कार्य पूरा होता है या नहीं.
जलापूर्ति पाइपलाइन भी बही, क्षेत्र में पेयजल संकट गहराया
झिलिया पुल निर्माण के दौरान डायवर्सन बहने की घटना के बीच गुरुवार को एक और बड़ी समस्या सामने आई. संवेदक एवं संबंधित विभाग की कथित लापरवाही के कारण जलापूर्ति पाइपलाइन का पिलर भी बह गया, जिससे पाइपलाइन अपनी जगह से निकल गई. इसके चलते आसपास के क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई और लोगों का आक्रोश और बढ़ गया.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुल निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा और तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है. पहले डायवर्सन बहने से आवागमन ठप हुआ और अब जलापूर्ति बाधित होने से लोगों को पेयजल के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
घटना की सूचना मिलने के बाद पीएचईडी विभाग के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य तत्काल शुरू करा दिया. विभाग की ओर से जल्द से जल्द पाइपलाइन दुरुस्त कर जलापूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पुल निर्माण कार्य में हुई लापरवाही की जांच कर दोषी संवेदक और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
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