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चाईबासा/डेस्क: पश्चिमी सिंहभूम जिले के सबसे बड़े सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में विगत वर्ष थैलेसीमिया से ग्रसित पांच मरीजों को रक्त की आवश्यकता के दौरान ब्लड चढ़ाने से HIV पॉजिटिव होने की हृदय विदारक घटना से मर्माहत ग्रामीण और जिला परिषद सदस्य माधव कुंकल के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ झारखंड सरकार और हाईकोर्ट तक आवाज बुलंद करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई मांग की गई थी. स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही के बाद मंत्री इरफान अंसारी ने चाईबासा पहुंचकर पीड़ित परिवारों को सरकारी स्तर पर ₹200000 का आर्थिक सहायता दिया था और जांच तेजी से करने की बातें कही गई थी. आखिरकार जिला प्रशासन की ओर से डीसी मनीष कुमार और सिविल सर्जन डॉ० जुझार मांझी ने जिला समाहरणालय परिसर में 5 एचआईवी पीड़ित परिवारों को सदर अस्पताल में चतुर वर्गीय कर्मचारी के रूप में नौकरी दी. और परिवार को हर संभव मदद करने का भरोसा दिया. सीएस डॉ जुझार मांझी ने कहा कि समय-समय पर सभी थैलेसीमिया मरीजों का इलाज और रक्त उपलब्ध कराई जाएगी. नियुक्ति पत्र पाने वालों में चक्रधरपुर, मंझरी, झींकपानी, हाटगम्हरिया और सराईकेला जिले का पीड़ित परिवार शामिल है.