फॉरेक्स निवेश धोखाधड़ी: ‘द आईडियल फाउंडेशन’ के संचालक को झारखंड हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत

Pramod Kumar,News11 Bharat,

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को मंजूर कर लिया

न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क: झारखंड हाई कोर्ट ने रांची के पिठोरिया स्थित कंप्यूटर इंस्टीट्यूट ‘द आईडियल फाउंडेशन’ के संचालक राजेश कुमार साहू को कथित फॉरेक्स (Forex) ट्रेडिंग और वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में बड़ी राहत प्रदान की है. न्यायाधीश संजय कुमार द्विवेदी की एकल पीठ ने मामले की गंभीरता और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को मंजूर कर लिया.

 क्या है मामला?

शिकायतकर्ता ने पिठोरिया थाने में संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उन्हें फॉरेक्स मार्केट में निवेश पर अधिक मुनाफे का लालच दिया गया. आरोप है कि विश्वास में लेकर उनसे बड़ी रकम निवेश के रूप में ली गई, लेकिन न तो कोई लाभ दिया गया और न ही मूल राशि वापस की गई. इसके बाद खुद को ठगा महसूस करते हुए शिकायतकर्ता ने पुलिस में मामला दर्ज कराया.

 बचाव पक्ष की दलीलें

सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से अधिवक्ता समीर सहाय ने अदालत के समक्ष पक्ष रखते हुए कहा कि संचालक ने किसी से ठगी के उद्देश्य से धन नहीं लिया, बल्कि अपनी पूंजी स्वयं निवेश की थी. संबंधित स्कीम के बंद होने से उन्हें भी आर्थिक नुकसान हुआ है, इसलिए वे आरोपी नहीं बल्कि पीड़ित हैं. संचालक ने इस मामले में पहले ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और मजिस्ट्रेट कोर्ट में कंप्लेंट केस भी दायर किया है, जिसकी सुनवाई जारी है.

हाई कोर्ट का फैसला

अदालत ने बचाव पक्ष द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और लंबित कंप्लेंट केस के तथ्यों का अवलोकन किया. कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता की भूमिका प्रथम दृष्टया ठगी करने वाले के रूप में स्पष्ट नहीं होती, बल्कि वे स्वयं इस वित्तीय योजना की विफलता से प्रभावित नजर आते हैं. इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने आरोपी संचालक की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली और पुलिस को उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया.

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