पंकज कुमार/न्यूज11 भारत
घाघरा/डेस्क: घाघरा गुमला जिले में पिछले करीब डेढ़ महीने से जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) के पद पर अधिकारी नहीं होने के कारण बॉक्साइट खनन और परिवहन कारोबार पर संकट गहरा गया है. चालान निर्गत नहीं होने के कारण जिले की करीब आधा दर्जन बॉक्साइट माइंस बंद पड़ी हैं, जबकि लगभग 1500 ट्रक खड़े हैं. इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े करीब 50 हजार लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न होने का दावा किया जा रहा है.
इस मामले को लेकर लोहरदगा-गुमला ट्रक ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलजीत सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) के माध्यम से झारखंड के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, गुमला उपायुक्त, खान निदेशक एवं खान सचिव से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. कमलजीत सिंह ने कहा कि डीएमओ के नहीं रहने के कारण चालान निर्गत नहीं हो रहा है. इसके चलते बॉक्साइट की आधा दर्जन माइंस बंद हैं और करीब 1500 ट्रक खड़े हैं. इस कारोबार से हजारों परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है. लंबे समय तक काम बंद रहने से करीब 50 हजार लोगों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न होने का खतरा है.उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र डीएमओ की व्यवस्था की जाए और चालान निर्गत करने की प्रक्रिया शुरू कराई जाए, ताकि बंद पड़ी माइंस और खनिज परिवहन का काम दोबारा शुरू हो सके.
ट्रक ऑनर एसोसिएशन ने कहा कि बॉक्साइट खनन और परिवहन से जुड़े वाहन मालिकों, चालकों, उपचालकों समेत बड़ी संख्या में लोगों की आय इसी कारोबार पर निर्भर है. कारोबार ठप होने से वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और ट्रक चालकों व मजदूरों के सामने भी रोजगार का संकट खड़ा हो गया है.
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल, खान विभाग के अधिकारियों और जिला प्रशासन से जल्द समाधान की अपील करते हुए कहा है कि यदि समय रहते चालान की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो इसका सीधा असर हजारों परिवारों की आजीविका पर पड़ेगा.
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