नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल संतोष गंगवार, विद्यार्थियों को दी बधाई

Ark Sahuliyar

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज जमशेदपुर स्थित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दी.

न्यूज़11 भारत 
जमशेदपुर
/डेस्क: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज जमशेदपुर स्थित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन की एक नई यात्रा का प्रारंभ है.

राज्यपाल ने कहा कि इस विश्वविद्यालय का नाम महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के नाम पर स्थापित है. नेताजी अदम्य साहस, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति एवं दूरदर्शी नेतृत्व के प्रतीक थे. उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नेताजी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा राष्ट्रहित को सदैव सर्वोपरि रखें. उन्होंने यह भी अपेक्षा व्यक्त की कि विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक एवं संस्थागत कार्यकलापों में भी नेताजी के आदर्शों एवं सिद्धांतों का अनुसरण करेगा.

राज्यपाल ने कहा कि झारखण्ड युवा शक्ति, प्राकृतिक संसाधनों तथा समृद्ध जनजातीय एवं सांस्कृतिक विरासत से सम्पन्न राज्य है. यहाँ के युवाओं में प्रतिभा एवं क्षमता की कोई कमी नहीं है. आवश्यकता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार एवं उचित अवसर उपलब्ध कराने की है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी राज्य के युवाओं को ऐसी शिक्षा प्रदान करेगी, जिससे वे राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सकें.

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा प्रदान कर रही है. यह नीति बहुविषयक शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा रोजगारोन्मुख शिक्षा को प्रोत्साहित करती है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों को केवल रोजगार प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि नवाचार, उद्यमिता एवं रोजगार सृजन के लिए भी तैयार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप, अनुसंधान एवं नवाचार का युग है. विश्वविद्यालयों को ज्ञान के साथ-साथ शोध, उद्योग-जगत से समन्वय तथा उद्यमिता को भी बढ़ावा देना होगा. साथ ही शिक्षा का उद्देश्य चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों, संवेदनशीलता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास भी होना चाहिए.

राज्यपाल ने निजी विश्वविद्यालयों से शिक्षा की गुणवत्ता, अनुसंधान, नवाचार, उत्कृष्ट शिक्षकों की उपलब्धता तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी निजी विश्वविद्यालय UGC एवं राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का पूर्ण अनुपालन करते हुए उत्कृष्टता के नए प्रतिमान स्थापित करें तथा छात्रहित को सदैव सर्वोपरि रखें. राज्यपाल ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ज्ञान, विनम्रता, अनुशासन एवं सेवा-भाव को अपने व्यक्तित्व की पहचान बनाएँ. उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जहाँ भी जाएँ, अपने माता-पिता, शिक्षकों, विश्वविद्यालय तथा झारखण्ड का नाम गौरवान्वित करें.

राज्यपाल ने हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ किए गए ‘नशा मुक्त युवा फ़ॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से अपने विश्वविद्यालय परिसर को पूर्णतः नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सबसे बड़ी पूँजी उनका स्वस्थ तन, सशक्त मन एवं सकारात्मक चिंतन है. उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे एवं मादक पदार्थों से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आग्रह किया.

यह भी पढ़ें- एक बार फिर भू धंसान शिकार हुआ बाघमारा का छाताबाद, दर्जन भर घर जमींदोज