साइकिल वितरण में भारी अनियमितता, जैसे-तैसे फिटिंग कर बांटी जा रहीं साइकिलें; छात्रों में नाराजगी

Dipali Kumari

स्कूली बच्चों के बीच साइकिल वितरण किया जा रहा है, लेकिन इसमें काफी अनियमितताएं बरती जा रही है.

न्यूज़11 भारत 
दुमका/डेस्क: 
जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड में कल्याण विभाग के द्वारा स्कूली बच्चों के बीच साइकिल वितरण किया जा रहा है, लेकिन इसमें काफी अनियमितताएं बरती जा रही है. 8वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को जो साइकिल दिए जा रहे हैं, वह ऐसी स्थिति में होती है कि उस पर चढ़कर वह घर नहीं जा सकते क्योंकि साइकिल को जैसे-तैसे फिटिंग किया जा रहा है. न उसकी ग्रीसिंग की जा रही है न ही उसमें हवा भरा जा रहा है. 

स्कूल से 15-20 किलोमीटर दूर मिल रही साइकिल 

सबसे बड़ी लापरवाही बात यह है कि साइकिल को लाभुक विद्यार्थियों के विद्यालय तक पहुंचाना है, लेकिन सारी साइकिलों को एक ही जगह डंप कर दिया गया है और वहीं से सभी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को साइकिल लेना पड़ रहा है. ऐसे में एक साइकिल लेने के लिए विद्यार्थियों को 15-20 किलोमीटर तक ऑटो रिक्शा या ई रिक्शा से जाकर रिसीव करना पड़ रहा है.

छात्रों को साइकिल पर खर्च करने होंगे 300 रुपये

इस तरह की अनियमितता से छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी हो रही है. विद्यार्थियों का कहना है कि 200 से 300 रुपये और खर्च करेंगे तभी साइकिल चलने लायक होगी. इधर साइकिल का फिटिंग करने वाले मिस्त्री का कहना है कि जब ऊपर से ही ग्रीस या अन्य चीजों के लिए पैसे नहीं दिए जा रहे हैं तो हम कहां से करें.

मामला साफ है कि सारा कुछ विभाग के अधिकारियों के मिलीभगत से किया जा रहा है. इस संबंध में विद्यालय के शिक्षक भी डर से कुछ बोलना नहीं चाहते. जबकि प्रखंड विकास पदाधिकारी एजाज आलम ने बताया कि वे इन शिकायतों की जांच करेंगें.