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हजारीबाग/डेस्क: हजारीबाग शहर के हुरहुरु स्थित करीब 50 डिसमिल बहुमूल्य खास महल जमीन को लेकर एक बार फिर महा-संग्राम छिड़ गया है. बाहर से किसी को भनक न लगे, इसलिए जमीन के सामने बांस, डंडा और पत्ता गाड़कर उसे पूरा छेक दिया गया था. यही नहीं, पूरी साजिश के तहत सामने बालू गिराकर और एक तरफ बड़ा हाइवा ट्रक खड़ा कर दिया गया था, ताकि मुख्य सड़क से अंदर चल रहा काम किसी को दिखाई न दे और सीक्रेट तरीके से बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए गड्ढा खोदने का काम किया जा सके. इस गुप्त खेल की सूचना मिलते ही जब हजारीबाग सदर अंचल अधिकारी (सीओ) दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे, तो वहां हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया.
जमीन के सामने किए गए इस अवैध घेराव को कबाड़कर फेंकने और गड्ढा खोदने का काम रुकवाने की बात पर अंचल अधिकारी और वहां मौजूद राज्य के पूर्व मंत्री व बड़कागांव के पूर्व कांग्रेस विधायक योगेंद्र साव के बीच तीखी बहस और जुबानी जंग (बाता-बाती) हो गई. पूर्व विधायक ने सीओ को उनके पद की गरिमा समझने की नसीहत देते हुए साफ कहा कि बिना नापी और कागजात देखे हर चीज में इंटरफेयर न करें, जबकि सीओ सख्त लहजे में अवैध अतिक्रमण को बर्दाश्त न करने की बात पर अड़े रहे.
मौके पर पहुंचे सदर सीओ ने बताया कि पिछले दो दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कैंटोनमेंट मौजा के तहत खास महल की करीब 50 डिसमिल की कीमती जमीन पर, जहां पहले सरकारी विभाग भी संचालित होता था, कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है. इसी का भौतिक सर्वेक्षण करने जब वे पहुंचे तो वहां का नजारा हैरान करने वाला था. जमीन को बांस-डंडे और पत्तों से घेरकर, सामने बालू और हाइवा खड़ा करके अंदर छिपकर बाउंड्री वॉल के लिए गड्ढा खोदा जा रहा था.
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