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रांची/डेस्क: धनबाद रिंग रोड भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाला मामले में गिरफ्तार JPSC परीक्षा नियंत्रक विशाल कुमार समेत 18 आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. न्यायाधीश राजेश कुमार की अदालत में सभी याचिकाओं को टैग कर एक साथ सुना जा रहा है. सुनवाई के दौरान अदालत ने महत्वपूर्ण सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या इस मामले में कोई पीड़ित पक्ष मौजूद है और यदि है तो क्या उसे प्रतिवादी बनाया गया है. इस पर स्पष्ट जवाब नहीं मिलने के बाद कोर्ट ने पीड़ित पक्ष को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया. जमानत पर बहस जारी है और मामले की अगली सुनवाई कल होगी.
गौरतलब है कि 9 जनवरी 2026 को ACB ने धनबाद रिंग रोड भूमि अधिग्रहण में मुआवजा घोटाले का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई की थी. करीब 10 टीमों ने एक साथ छापेमारी कर 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. देर रात शुरू हुआ यह अभियान सुबह तक चला था. जांच में मुआवजा राशि के वितरण में बड़े पैमाने पर हेरफेर, सरकारी धन की अवैध बंदरबांट और रैयतों के अधिकारों की रकम में गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे. मामले में JPSC परीक्षा नियंत्रक विशाल कुमार सहित कई अधिकारियों, कर्मचारियों, बिचौलियों और एक अधिवक्ता को आरोपी बनाया गया है.
गिरफ्तार आरोपियों में विशाल कुमार, उदयकांत पाठक, मिथिलेश कुमार, नीलम सिन्हा, सोमेश्वर शर्मा, अनुपम कुमारी, शंकर प्रसाद दुबे, आलोक बरियार उर्फ जैकी लाल, सुशील प्रसाद, रविंद्र कुमार, कुमारी रत्नाकर उर्फ रत्नाकर कुमारी, दिलीप गोप, बापी राय उर्फ गोपी राय चौधरी, रामकृपाल गोस्वामी, अशोक कुमार महथा, उमेश महतो, अनिल कुमार उर्फ अनिल कुमार सिंह और काली प्रसाद सिंह शामिल हैं. सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं.
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