झारखंड की कला और संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले कलाकारों को सम्मान गौरव का विषय: सुदेश कुमार महतो

Ark Sahuliyar

सरायकेला के प्रसिद्ध छऊ मुखौटा शिल्पकार गुरु सुशांत कुमार महापात्र को भी इस प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किए जाने पर सुदेश कुमार महतो ने प्रसन्नता व्यक्त की.

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क:
झारखंड के बुंडू क्षेत्र की लोक कलाकार बूटन देवी और सोमारी देवी को लोक नृत्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं. सरायकेला के प्रसिद्ध छऊ मुखौटा शिल्पकार गुरु सुशांत कुमार महापात्र को भी इस प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किए जाने पर सुदेश कुमार महतो ने प्रसन्नता व्यक्त की.

सुदेश कुमार महतो ने कहा कि पंचपरगना क्षेत्र की बूटन देवी एवं सोमारी देवी तथा सरायकेला के गुरु सुशांत कुमार महापात्र ने अपनी कला और साधना के माध्यम से झारखंड की समृद्ध लोक परंपरा, संस्कृति और विरासत को राष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया है. यह सम्मान केवल तीन कलाकारों का सम्मान नहीं, बल्कि झारखंड की मिट्टी, लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान है.

उन्होंने कहा कि लोक नृत्य, छऊ और पारंपरिक कला हमारी सांस्कृतिक पहचान की अमूल्य धरोहर हैं. इन कलाकारों ने वर्षों की साधना और समर्पण से इस विरासत को जीवंत रखा है. इनकी उपलब्धियां आने वाली युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और उन्हें अपनी जड़ों, परंपराओं तथा लोक संस्कृति से जुड़कर आगे बढ़ने का संदेश देती हैं. सुदेश कुमार महतो ने कहा कि झारखंड के कलाकारों और लोक परंपराओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है. राज्य की समृद्ध कला-संस्कृति हमारी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है.

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