गिरिडीह कॉलेज में संथाली में पीजी डिग्री की मांग, सैकड़ों आदिवासी छात्र छात्राओं ने सौंपा ज्ञापन

Pramod Kumar,News11 Bharat,

मनीष मंडल/न्यूज 11 भारत 

बेंगाबाद/डेस्क: गिरिडीह कॉलेज में संथाली भाषा में स्नातकोत्तर (एमए) की पढ़ाई शुरू करने की मांग को लेकर आदिवासी छात्र-छात्राओं गोलबंद हो गए हैं सोमवार को सैकड़ों छात्र छात्राओं ने गिरिडीह कॉलेज के प्राचार्य को कुल सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा है छात्रों का कहना है कि झारखंड में संथाली आठवीं अनुसूची में शामिल भाषा है और ओलचिकी लिपि को संवैधानिक मान्यता प्राप्त है, इसके बावजूद गिरिडीह कॉलेज में पीजी स्तर पर इसकी पढ़ाई की सुविधा नहीं है.

ज्ञापन सौंपने के दौरान छात्रों ने कहा कि जिले में संथाली भाषी छात्रों की संख्या हजारों में है. स्नातक के बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्हें रांची या अन्य जिलों का रुख करना पड़ता है, जिससे आर्थिक व मानसिक परेशानी होती है. कॉलेज में पीजी की पढ़ाई शुरू होने से स्थानीय छात्रों को काफी लाभ मिलेगा और भाषा का संरक्षण भी हो सकेगा.

छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा. ज्ञापन सौंपने वालों में बहादुर मरांडी, सुरेश बेसरा, सुधीर मुर्मू, सरिता मरांडी, शांति मुर्मू, पारो बेसरा, सुषमा किस्कू समेत सैकड़ों आदिवासी छात्र-छात्राएं मौजूद थे. सभी ने एक स्वर में संथाली में एमए की कक्षाएं शीघ्र शुरू करने की मांग उठाई.


वहीं कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ एम एन सिंह ने बताया कि इन सभी की मांग जायज है इस मामले को विनोबा भावे यूनिवर्सिटी के कुल सचिव को अवगत कराया जाएगा.

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