गिरिडीह में अवैध खनन पर सवाल: कागजी कार्रवाई तक सीमित रह गई विभागीय सख्ती, धड़ल्ले से जारी माइंस संचालन

Vaibhaw Vikram

गिरिडीह जिले के साठीबाद इलाके में अवैध पत्थर खनन और तस्करी पर खनन विभाग की कार्रवाई एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. विभाग द्वारा दो बार प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद भी वहां हालत में सुधार नही

न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क:
गिरिडीह जिले के साठीबाद इलाके में अवैध पत्थर खनन और तस्करी पर खनन विभाग की कार्रवाई एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. विभाग द्वारा दो बार प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद भी वहां हालत में सुधार नहीं आई है. वहां की स्थिति जस के तस बनी हुई है और अवैध खनन निरंतर जारी है.  

स्थानीय सूत्रों और आरोपों के अनुसार, खनन विभाग की कार्रवाई केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह गई है, जबकि वास्तविक स्तर पर अवैध खनन पर कोई रोक नहीं लग पाई है. मिली जानकारी के अनुसार, प्रभारी जिला खनन पदाधिकारी ने हाल ही में साठीबाद क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया था. जहां औचक निरीक्षण के दौरान संबंधित माइंस बंद पाए गए थे. जिसके बाद चार माइंस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बेंगाबाद थाना में कांड संख्या 105/26 के तहत मामला दर्ज कराया गया था.

बेंगाबाद थाना में दर्ज की गई प्राथमिकी में सरफराज आलम और ताहिर अंसारी को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि दो अज्ञात पत्थर तस्करों का भी उल्लेख किया गया है. वहीं स्थानीय लोगों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, इन दोनों व्यक्तियों के नाम की जानकारी सामने आई थी. FIR में अवैध खनन के कारण सरकारी राजस्व की क्षति और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचने का उल्लेख किया गया है.

साथ ही वहां रहने वाले ग्रामीणों के बीच अब विभागीय कार्रवाई एक चर्चा का विषय बन गया है. सभी का यह मानना है कि विभागीय कार्रवाई केवल औपचारिकता मात्र है. आरोप यह भी है कि माइंस में धड़ल्ले से विस्फोटकों का इस्तेमाल किया जा रहा है और अवैध खनन का कारोबार बिना किसी रोकटोक के जारी है. सूत्रों के अनुसार, एक निरीक्षण के दौरान दो हाइवा और एक पोकलेन मशीन जब्त किए जाने की भी चर्चा है, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिए जाने की बात सामने आ रही है. हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. 

आपकी जानकारी के लिए बता दें, यह पहला मामला नहीं है जब साठीबाद क्षेत्र में कार्रवाई हुई हो. इस पहले भी 2 मई को प्रभारी जिला खनन पदाधिकारी के द्वारा कार्रवाई करते हुए बेंगाबाद थाना में इसी तरह का मामला दर्ज कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लग पाया है. लगातार कार्रवाई और एफआईआर के बावजूद अवैध खनन जारी रहने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. लोग प्रशासन से ठोस और स्थायी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लग सके.

यह भी पढ़ें: मोहर्रम को लेकर राजगंज थाना में शांति समिति की बैठक, डीजे और नशे पर रहेगा प्रतिबंध