रोहन निषाद/न्यूज़ 11 भारत
चाईबासा/डेस्क: पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा के सभागार में गुरुवार को इंटर स्टेट बोर्ड मीटिंग का आयोजन किया गया. बैठक की अध्यक्षता सिंहभूम (कोल्हान) क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक अनुरंजन किस्पोट्टा, भा०पु०से० ने की. बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई, जिसमें झारखण्ड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों के 15 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए.बैठक में झारखण्ड से डॉ० एहतेशाम बकारिब, वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम; अमित रेणु, पुलिस अधीक्षक, पश्चिमी सिंहभूम; मनोज कुमार स्वर्गियारि, एसपी सरायकेला-खरसावाँ; शुमन कुमार खण्डेवाल, एसपी ग्रामीण जमशेदपुर; ललित मिणा, एसपी नगर जमशेदपुर; किस्टोफर केरकेट्टा, एएसपी अभियान खूँटी और रणबीर सिंह, डीएसपी मुख्यालय सिमडेगा उपस्थित रहे.
ओडिशा से ब्रजेश कुमार राय, डीआईजी वेस्ट्रन जोन राउरकेला; नीतीन दागदु कुशालकर, एसपी क्योंझर; वरूण गुंटुपल्ली, एसपी मयूरभंज; नीतेश वाधवानी, एसपी राउरकेला और सुश्री अमृतपाल कौर, एसपी सुन्दरगढ़ शामिल हुए. वहीं पश्चिम बंगाल से अभिषेक मोदी, डीआईजी बाँकुडा रेंज; सन्नी कुमार राज, एसपी झारग्राम और मानव सिंगला, एसपी पुरुलिया ने भाग लिया.बैठक में मुख्य रूप से नक्सल गतिविधियों, मादक पदार्थों की तस्करी और पशु तस्करी जैसे अंतरराज्यीय मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ. अधिकारियों ने तीनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में वर्तमान में सक्रिय नक्सल दस्तों से संबंधित आसूचना का आपस में आदान-प्रदान किया. इन दस्तों के विरुद्ध प्रभावी संयुक्त नक्सल अभियान चलाने के लिए कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई.इसके साथ ही ड्रग्स और पशु तस्करी में संलिप्त सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोहों पर नकेल कसने के लिए भी आसूचना साझा करने पर सहमति बनी. बैठक में तय किया गया कि सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में समन्वय बढ़ाकर चेकिंग अभियान तेज किए जाएंगे और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी.
डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने कहा कि तीनों राज्यों का आपसी सहयोग ही इन संगठित अपराधों पर लगाम लगा सकता है. नियमित रूप से ऐसी बैठकें कर सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान किया जाएगा, ताकि अपराधियों को पनाह न मिल सके.
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