देवघर एयरपोर्ट पर मक्का-मदीना से पधारे प्रतिष्ठित इस्लामी विद्वानों और समाजसेवियों से मिलकर इरफान अंसारी हुए गदगद

Pramod Kumar,News11 Bharat,

भारतीयों की निःस्वार्थ सेवा, मार्गदर्शन और हरसंभव सहायता के लिए वे पूरे विश्व में हैं सम्मानित

न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क: मक्का-मदीना से पधारे प्रतिष्ठित इस्लामी विद्वानों से देवघर एयरपोर्ट पर हुई मुलाकात को झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर साझा किया है. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा-

देवघर एयरपोर्ट पर मक्का-मदीना से पधारे प्रतिष्ठित इस्लामी विद्वानों एवं समाजसेवियों से मुलाकात कर दुआएँ लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ.

आज देवघर एयरपोर्ट पर मदीना मुनव्वरा से पधारे सम्मानित शेख हारून मलिक अब्दुल हक़ साहब एवं शेख अब्दुल वहीद अब्दुल हक़ साहब (इमाम, मदीना) से मुलाकात कर उनका इस्तकबाल करने का अवसर मिला. झारखंड के महागामा में आयोजित विशाल धार्मिक सम्मेलन में मेरी उपस्थिति तय थी, लेकिन दिल्ली में पूर्व निर्धारित सरकारी कार्यक्रमों के कारण शामिल नहीं हो सका. इसके लिए मैंने उनसे क्षमा याचना की.

शेख हारून मलिक साहब केवल एक सफल व्यवसायी ही नहीं, बल्कि एक महान समाजसेवी भी हैं. शिक्षा, स्वास्थ्य और मानव सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान अत्यंत प्रेरणादायक है. वे स्कूल, कॉलेज और जनकल्याण से जुड़े अनेक कार्यों में निरंतर सहयोग करते हैं. विशेष रूप से हज और उमराह पर जाने वाले भारतीयों की निःस्वार्थ सेवा, मार्गदर्शन और हरसंभव सहायता के लिए वे पूरे विश्व में सम्मानित हैं. मक्का-मदीना में वे भारतीय जायरीन का जिस प्रेम, आत्मीयता और समर्पण से स्वागत करते हैं, वह वास्तव में अनुकरणीय है.

मुलाकात के दौरान उन्होंने झारखंड में स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों की सराहना की और कहा कि यदि राज्य सरकार चाहे तो वे झारखंड में मेडिकल कॉलेज एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना में सहयोग करने की इच्छा रखते हैं. उनकी यह सकारात्मक सोच और सेवा भावना अत्यंत सराहनीय है. मैंने उनका हृदय से स्वागत करते हुए कहा कि झारखंड सरकार ऐसे जनहितकारी प्रयासों का हमेशा स्वागत करती है और भविष्य में इस दिशा में सकारात्मक संवाद आगे बढ़ाया जाएगा.

मैंने उनसे झारखंड, देश, समाज और अपने परिवार की खुशहाली, अमन-चैन और तरक्की के लिए दुआ की दरख्वास्त की. साथ ही अल्लाह तआला से यह भी दुआ की कि जल्द मुझे भी मक्का और मदीना शरीफ की हाज़िरी और दीदार का सौभाग्य प्राप्त हो.

ऐसी महान और सेवाभावी शख्सियतों से मुलाकात, उनकी दुआएँ और उनका मार्गदर्शन हमें समाज की सेवा के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है.

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