झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा का भरनो में सभा-जुलूस सम्पन्न, 10 जून को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान

Pramod Kumar,News11 Bharat,

झारखंड आंदोलनकारियों के अधिकारों की आवाज दबाई नहीं जा सकती - पुष्कर महतो

प्रेम कुमार सिंह/न्यूज 11 भारत.

भरनो/डेस्क: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा गुमला जिला इकाई भरनो के तत्वावधान में भरनो प्रखंड कार्यालय परिसर में आंदोलनकारियों की एक महत्वपूर्ण सभा आयोजित की गई.सभा में झारखंड आंदोलनकारियों के राजकीय सम्मान,अलग पहचान,रोजी-रोजगार,नियोजन की गारंटी तथा जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी आंदोलनकारियों को 50-50 हजार रुपये सम्मान पेंशन देने की मांग को लेकर व्यापक चर्चा की गई.कार्यक्रम के दौरान आगामी 10 जून को रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास के समक्ष घेराव-प्रदर्शन, आमरण अनशन एवं आत्मदाह कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया गया.

कार्यक्रम की शुरुआत भरनो नवाटोली से प्रखंड कार्यालय परिसर तक निकाले गए जुलूस के साथ हुई.आंदोलनकारियों ने हाथों में बैनर और झंडे लेकर “न्याय के साथ सम्मान दो”, “स्वाभिमान से जीने का अधिकार दो”, “झारखंड आंदोलनकारी जिंदाबाद”, “जयपाल सिंह मुंडा अमर रहे”, “दिशोम गुरु शिबू सोरेन को सर्वोच्च सम्मान दो” जैसे नारों के साथ अपनी मांगों को बुलंद किया.जुलूस के दौरान आंदोलनकारियों में भारी उत्साह देखा गया.ब्लॉक परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के अधिकारों की रक्षा की मांग को न दबाया जा सकता है और न ही मिटाया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य आंदोलनकारियों के त्याग,संघर्ष और बलिदान का परिणाम है,लेकिन आज वही आंदोलनकारी उपेक्षित महसूस कर रहे हैं.उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा आंदोलनकारियों से किए गए संकल्प और आश्वासनों का पालन नहीं किया जा रहा है.उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो आगामी 10 जून को मुख्यमंत्री आवास के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन,आमरण अनशन और आत्मदाह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.

मौके पर दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल अध्यक्ष रोजलीन तिर्की ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के लिए आंदोलनकारियों ने लंबी लड़ाई लड़ी थी,लेकिन आज वही लोग अपने अधिकारों से वंचित हैं.उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी अपना हक और सम्मान लेकर रहेंगे.उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 10 जून तक सरकार उनकी मांगों पर शांतिपूर्वक विचार नहीं करती है,तो वे स्वयं आत्मदाह करने को मजबूर होंगी.मौके पर केंद्रीय सचिव पुनीत भगत ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता.

उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों ने संघर्ष और शहादत देकर राज्य का निर्माण किया है और अब अपने बच्चों के अधिकारों तथा सम्मान के लिए भी संघर्ष जारी रहेगा.कार्यक्रम में स्वागत भाषण नीलू देवी ने दिया जबकि संचालन आनंद उरांव ने किया.सभा के दौरान स्वर्गीय महेश कुमार धान के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई.इसके बाद आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी के नाम प्रखंड कार्यालय में सौंपा.

इस अवसर पर प्रभारी अनथन लकड़ा,प्रकाश खलखो, पंचस बाड़ा,निमी बड़ा,जयराम उरांव,आनंद उरांव,लच्छू मुंडा,बसंत तिर्की,सुखदेव भगत,साधु उरांव,बंधु उरांव,सीताराम उरांव,गोबरा उरांव,पंचू उरांव,देवनिका उरांव,कारी उरांव,शुकरा उरांव,चंपा उरांव,कृष्णा उरांव,गोविंद लोहरा,सुखदेव किसान सहित बड़ी संख्या में झारखंड आंदोलनकारी उपस्थित थे.

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