झारखंड

झारखण्ड CM सोरेन पर ‘शीश महल’ बनाने का आरोप, BJP ईकाई ने उठाए 100 करोड़ खर्च पर सवाल

Jharkhand politics: झारखण्ड में एक नए सियासी बवाल ने शुक्रवार को जन्म लिया है. भारतीय जनता पार्टी की झारखण्ड ईकाई ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर स्वयं के लिए करोड़ों रुपये खर्च करके ‘शीश महल’ बनवाने के आरोप लगाये हैं. भाजपा के दावों के अनुसार, जिस राज्य में आज भी सैंकड़ों लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं, वहां के मुख्यमंत्री के निवास के लिए कथित रूप से भारी खर्च किया जा रहा है. 

[caption id="attachment_132324" align="alignnone" width="1200"] Jharkhand CM Hemant Soren[/caption]

भाजपा प्रवक्ता ने लगाये प्रेस कांफ्रेंस में गंभीर आरोप

झारखंड बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एक ओर खुद को आदिवासी, मूलवासी और गरीबों की सरकार बताते हैं, जबकि दूसरी ओर उनके द्वारा अपने लिए लगभग 100 करोड़ रुपये का भव्य आवास बनवाने की योजना को मंजूरी दे दी गई है. 

शाहदेव ने आगे दावा किया कि मुख्यमंत्री आवास के लिए जिस भवन को तोड़ा जा रहा है, वह एक हेरिटेज बिल्डिंग थी, पर अब उसकी जगह एक नया और भव्य भवन बनाया जा रहा है, जिसे उन्होंने ‘शीश महल’ करार दिया.

परियोजना की लागत पर भाजपा नेता ने उठाये सवाल

भाजपा नेता के अनुसार, इस परियोजना के तहत मुख्य भवन के निर्माण पर लगभग 47 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है. वहीं अन्य खर्चों को जोड़ने पर यह राशि करीब 69 से 70 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है.

कांफ्रेंस में उन्होंने बताया कि इस परियोजना में करीब 2 करोड़ रुपये का फव्वारा और लगभग 2.63 करोड़ रुपये की गार्डेनिंग का प्रावधान भी शामिल है. शाहदेव ने आगे यह भी कहा कि भवन निर्माण विभाग में आमतौर पर 25 से 30 प्रतिशत तक लागत बढ़ जाती है, जिससे इस परियोजना की कुल लागत 100 करोड़ रुपये से अधिक पहुँचने की संभावना है.

जनता के पैसों से की जा रही फिजूलखर्ची’ 

शाहदेव ने यह भी आरोप लगाया कि इस परियोजना को हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई, लेकिन कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान इस जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही स्मार्ट सिटी क्षेत्र में नया राजभवन और मुख्यमंत्री आवास बनाने की घोषणा कर चुकी है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब भविष्य में नया परिसर बनना तय है, तो मौजूदा परियोजना पर जनता के पैसे का इतना बड़ा खर्च क्यों किया जा रहा है.

बीजेपी नेता ने कांफ्रेंस में साफ कहा कि पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी और राज्य सरकार से जवाब मांगेगी.