छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में 'झारखंड छात्र न्याय सत्याग्रह', युवा नेता सूर्या सिंह एक दिवसीय अनशन पर बैठे

Pramod Kumar,News11 Bharat,

JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क:​रांची में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर हुए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज और भर्ती परीक्षाओं में व्याप्त कथित अनियमितताओं के विरोध में पलामू के मेदिनीनगर स्थित कचहरी परिसर में "झारखंड छात्र न्याय सत्याग्रह" का आयोजन किया गया. युवा नेता सूर्या सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्याग्रह के माध्यम से JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई तथा छात्रों के अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा की मांग प्रमुखता से उठाई गई. छात्रों के हक और न्याय की आवाज़ को मजबूती देने के लिए सूर्या सिंह स्वयं एक दिवसीय शांतिपूर्ण अनशन पर बैठे.

​अनशन स्थल पर मीडिया से बात करते हुए युवा नेता सूर्या सिंह ने कहा कि रांची में अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठी चलाना पूरी तरह से अनुचित और निंदनीय है. उन्होंने हेमंत सरकार की नीतियो पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री खुद मान रहे हैं कि इस घोटाले में यूपी या बिहार जैसी अंतरराज्यीय एजेंसियों और लोगों की साजिश है, तो फिर इसकी जांच सीआईडी (CID) से क्यों कराई जा रही है. जब मामला अंतरराज्यीय तार से जुड़ा है तो हेमंत सरकार सीबीआई (CBI) जांच से क्यों कतरा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को डर है कि निष्पक्ष जांच होने पर उनकी पोल खुल जाएगी और सच्चाई सामने आ जाएगी.

​सूर्या सिंह ने आगे कहा कि सीआईडी के पास इतनी शक्ति और अधिकार नहीं हैं कि वह दूसरे राज्यों में जाकर व्यापक जांच कर सके. साथ ही, जो एजेंसी राज्य सरकार के अधीन है, वह अपने ही अधिकारियों और सरकार के खिलाफ निष्पक्ष रिपोर्ट कैसे दे सकती है. उन्होंने कहा कि यह महज लिपा-पोती करने और मामले को दबाने की कोशिश है. जब नीट (NEET) परीक्षा की गड़बड़ी पर सीबीआई जांच हो सकती है, तो झारखंड की परीक्षाओं की जांच सीबीआई से क्यों नहीं कराई जा सकती. सूर्या सिंह ने स्पष्ट किया कि छात्रों की मांग पूरी तरह से जायज है और वे छात्रों के हक, अधिकार तथा न्याय की इस लड़ाई में उनके साथ हर कदम पर खड़े रहेंगे.

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