मधु सुदन/न्यूज 11 भारत
सरायकेला/डेस्क: हूल दिवस के अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा, सरायकेला-खरसावां जिला समिति की ओर से सरायकेला जिला मुख्यालय स्थित सिद्धू-कानू पार्क में जिला अध्यक्ष डॉ. शुभेन्दु महतो के नेतृत्व में वीर शहीद सिद्धू-कानू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई.
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष डॉ. शुभेन्दु महतो ने कहा कि 30 जून 1855 का संथाल हूल केवल एक विद्रोह नहीं, बल्कि जल, जंगल, जमीन, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए समाज द्वारा छेड़ा गया ऐतिहासिक जनआंदोलन था. सिद्धू-कानू, चांद-भैरव तथा फूलो-झानो ने अंग्रेजी हुकूमत और शोषणकारी व्यवस्था के विरुद्ध जो संघर्ष किया, वह आज भी हमें अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा देता है.
उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा सदैव शहीदों के आदर्शों पर चलते हुए राज्य के गरीब, आदिवासी, मूलवासी, किसान, मजदूर एवं वंचित वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. हूल दिवस हमें अपने इतिहास, संस्कृति और विरासत को संजोते हुए न्याय, समानता और जनहित के लिए निरंतर संघर्ष करने का संदेश देता है.
नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि संथाल हूल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की पहली संगठित जनक्रांति थी, जिसने शोषण और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग प्रशस्त किया. सिद्धू-कानू, चांद-भैरव और फूलो-झानो का बलिदान केवल आदिवासी समाज ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति और शहीदों के संघर्षों से अवगत कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. हूल दिवस हमें समाज में एकता, अधिकारों की रक्षा और जनकल्याण के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता है.
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी, उपाध्यक्ष अविनाश कवि, झामुमो के केंद्रीय सदस्य सुधीर महतो, जिला उपाध्यक्ष भोला मोहंती, उमेश भोल, कृष्णा राणा, पंकज साहू, रितेश ज्योतिषी, नरेन सोरेन, प्रखंड अध्यक्ष सुरेश हेंब्रम एवं आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर पारंपरिक पूजा के साथ शहीदों के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित की. कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने वीर शहीदों के सपनों का झारखंड बनाने तथा उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया.
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