न्यूज़11 भारत
पलामू/डेस्क: पलामू प्रमंडल के आसपास के इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश इस क्षेत्र की जीवन रेखा मानी जाने वाली कोयल नदी रौद्र रूप में नजर आ रही है. पूरे एक दशक के इंतजार के बाद नदी में ऐसा भयावह उफान देखने को मिल रहा है, जिसने जिला प्रशासन से लेकर आम नागरिकों तक की नींद उड़ा दी है. कोयल नदी का जलस्तर बढ़ने से मेदिनीनगर के पंपू कल इलाके के निचले हिस्सों में पानी घुस गया है. कई जगहों पर जलजमाव की भी स्थिति बनी हुई है. सरकारी स्कूल परिसर में भी पानी घुसने से परेशानी बढ़ गई है.
तटीय इलाकों में तेजी से घुस रहे पानी के कारण निचले क्षेत्रों के निवासियों पर बेघर होने का खतरा मंडराने लगा है. शहर का प्रमुख आकर्षण मेदिनीनगर स्थित 'कोयल रिवर फ्रंट' इस समय उफनती लहरों की आगोश में समा चुका है. उसका एक बहुत बड़ा भू-भाग तेज बहाव के बीच पूरी तरह डूब गया है.

हालात की गंभीरता को भांपते हुए पलामू जिला प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गयी है. तटवर्ती बस्तियों के लिए तत्काल प्रभाव से हाई अलर्ट जारी किया गया है. प्रशासनिक अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे कौतूहलवश भी नदी के मुहाने या किनारों की तरफ न रुख करें. साथ ही मवेशियों और छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं. आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित आपदा प्रबंधन टीमें पल-पल के जलस्तर की मॉनिटरिंग में जुटी हुई हैं.
इसे भी पढ़ें: MMDR संशोधन बिल 2026: सीएम हेमंत सोरेन ने PM मोदी से पुनर्विचार का किया आग्रह, राहुल गांधी से भी मांगा समर्थन