चैनपुर में आकाशीय बिजली का कहर: दो अलग-अलग घटनाओं में तीन बैलों की मौत, किसानों पर टूटा दुखों का पहाड़

Vaibhaw Vikram

प्रखंड क्षेत्र में सोमवार को हुई तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से दो अलग-अलग पंचायतों में कुल तीन बैलों की अकाल मौत हो गई. इस हादसे के बाद पीड़ित किसान परिवारों के सामने खेती-किसानी और रोजी-रो

राजन पाण्डेय/न्यूज11 भारत
चैनपुर/डेस्क:
प्रखंड क्षेत्र में सोमवार को हुई तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से दो अलग-अलग पंचायतों में कुल तीन बैलों की अकाल मौत हो गई. इस हादसे के बाद पीड़ित किसान परिवारों के सामने खेती-किसानी और रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. प्रभावित किसानों ने प्रशासन से उचित मुआवजे की गुहार लगाई है.मिली जानकारी के अनुसार, पहली घटना चैनपुर प्रखंड मुख्यालय के मांझाडीप के समीप की है. यहां चैनपुर एमएलए रोड निवासी किसान रेणु रौतिया पिता बंधनु रौतिया का बैल खेत में चर रहा था. 

इसी दौरान अचानक मौसम बदला और गरज के साथ आकाशीय बिजली गिर गई. वज्रपात की चपेट में आने से बैल की मौके पर ही मौत हो गई.खेती के इस मुख्य सीजन में बैल की मौत से गरीब किसान परिवार को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचा है. घटना की सूचना मिलते ही पीड़ित किसान के बेटे संतोष रौतिया ने चैनपुर मुखिया शोभा देवी से संपर्क कर सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजे की मांग की. मुखिया शोभा देवी ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए संबंधित अधिकारियों से बात कर आपदा राहत कोष से उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है.वहीं दूसरी हृदयविदारक घटना छिछवानी पंचायत के महेशपुर डीपाटोली में घटी. 

यहां के निवासी किसान रामप्रसाद कुजूर के दो बैल बारिश के दौरान बाहर ही थे, तभी अचानक आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए. इस हादसे में रामप्रसाद के दोनों बैलों की दर्दनाक मौत हो गई. पीड़ित किसान का दर्द 'बारिश हो रही थी और हमारे दोनों बैल वहीं पर थे. अचानक यह हादसा हो गया और हमारे दोनों बैलों की मौत हो गई. अब हमारे सामने रोजी-रोटी और खेती का संकट खड़ा हो गया है.' अपने दोनों बैलों को खोने के बाद किसान रामप्रसाद कुजूर पूरी तरह भावुक हो गए. उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि अब खेती के इस सीजन में वे आगे का काम कैसे करेंगे. पीड़ित ने सरकार और स्थानीय प्रशासन से न्यायसंगत और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है.ग्रामीणों ने अंचल प्रशासन से मांग की है कि दोनों प्रभावित गरीब किसानों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए अविलंब आपदा राहत कोष से सरकारी सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए.

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