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देवघर/डेस्क: ACB दुमका की टीम ने मनरेगा योजना के अंतिम भुगतान के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में एक कनीय अभियंता को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान संतोष प्रसाद के रूप में हुई है, जो मनरेगा पंचायत डिण्डाकोली, प्रखंड करौं, जिला देवघर में कनीय अभियंता के पद पर कार्यरत हैं.
कनीय अभियंता संतोष प्रसाद द्वारा 7,000 रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी
ACB को देवघर जिले के करौं प्रखंड अंतर्गत डिण्डाकोली (लकरछारा) गांव निवासी भीम कुमार राणा ने लिखित शिकायत देकर बताया था कि उनकी जमीन पर मनरेगा योजना के तहत ट्रेंच सह बांध निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ था. योजना का कुल प्राक्कलित मूल्य 45,379 रुपये था, जिसमें से 41,444 रुपये का भुगतान हो चुका था. शेष अंतिम भुगतान के लिए आवश्यक एमबी (मेजरमेंट बुक) जमा करने के बदले कनीय अभियंता संतोष प्रसाद द्वारा 7,000 रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी.
शिकायत मिलने के बाद ACB दुमका ने मामले का सत्यापन कराया. जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि आरोपी कनीय अभियंता द्वारा परिवादी से 5,000 रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी. सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर ACB दुमका थाना कांड संख्या 05/26 दिनांक 9 जून 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर विशेष धावादल (ट्रैप टीम) का गठन किया गया. बुधवार को ट्रैप की कार्रवाई के दौरान ACB की टीम ने करौं प्रखंड परिसर स्थित सरकारी आवास में आरोपी संतोष प्रसाद को परिवादी से 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.
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