गुमला जिला प्रशासन की बड़ी पहल: मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर और बसिया में 'विशेष अंचल दिवस' का आयोजन

Ark Sahuliyar

उपायुक्त ने खुद संभाली कमान 

नीरज कुमार साहू/न्यूज 11 भारत 
गुमला/डेस्क:
जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों की सुविधाओं और समस्याओं के त्वरित निष्पादन को लेकर शनिवार को दो बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. एक ओर जहाँ जिले के सभी मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR-2026) के तहत विशेष शिविर लगाए गए, वहीं दूसरी ओर बसिया अंचल में 'विशेष अंचल दिवस' का आयोजन कर ग्रामीणों की राजस्व व भूमि संबंधी समस्याओं की सुनवाई की गई. इन कार्यक्रमों में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने खुद कमान संभालते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए. 

विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत शनिवार को जिले के सभी मतदान केंद्रों पर एक साथ विशेष शिविरों का आयोजन किया गया, जो रविवार (09 अगस्त) को भी जारी रहेगा. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रारूप मतदाता सूची में नागरिकों और उनके परिवार के योग्य सदस्यों के नाम का सत्यापन करना तथा त्रुटियों को सुधारना है.

उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी दिलेश्वर महत्तो ने बसिया प्रखंड के विभिन्न मतदान केंद्रों का औचक निरीक्षण किया. उन्होंने वहाँ तैनात बीएलओ (BLO) और कर्मियों से प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने का निर्देश दिया.

उपायुक्त ने बताया कि मतदाता सूची में सुधार या नाम जोड़ने के लिए दावा-आपत्ति दर्ज कराने की अवधि 05 अगस्त से 04 सितंबर तक निर्धारित है.

 नए नाम जोड़ने के लिए प्रपत्र-6 (Form-6) और पता बदलने के लिए प्रपत्र-8 (Form-8) के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है. विशेष बात यह है कि जो युवा 01 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे भी प्रपत्र-6 के जरिए अपना अग्रिम पंजीकरण करा सकते हैं.

 विशेष अंचल दिवस': स्थानीय स्तर पर हुआ भूमि विवादों का निपटारा 
नागरिकों को अपनी अंचल एवं राजस्व संबंधी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए बसिया अंचल कार्यालय में 'विशेष अंचल दिवस' का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुना.

 उपायुक्त सुनवाई के दौरान कुल 8 मामलों पर चर्चा की गई और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर उनके समाधान की पहल की गई. इस दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट किया की "राजस्व न्यायालय का अधिकार क्षेत्र सीमित होता है. यहाँ केवल अभिलेखों और कागजातों की जांच के आधार पर निर्णय लिया जाता है. भूमि के स्वामित्व (टाइटल) से संबंधित विवादों का निपटारा राजस्व न्यायालय में नहीं, बल्कि इसके लिए नागरिकों को व्यवहार न्यायालय (Civil Court) जाना होगा."

उन्होंने आगे बताया कि यदि अंचल स्तर पर किसी मामले का समाधान नहीं होता है, तो नागरिक नियमानुसार भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) न्यायालय में अपील दायर कर सकते हैं.

मौके पर मौजूद अपर समाहर्ता राजीव नीरज ने बताया कि दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों के समय और पैसे की बचत के लिए जिला प्रशासन हर सप्ताह 'अंचल दिवस' का आयोजन कर रहा है. उन्होंने जानकारी दी कि यदि किसी व्यक्ति को कोर्ट जाने में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है, तो जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता और सरकारी अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाएगा.

इस विशेष अंचल दिवस में अपर समाहर्ता राजीव नीरज, बसिया के अनुमंडल पदाधिकारी , भूमि सुधार उप समाहर्ता , प्रखंड विकास पदाधिकारी , अंचल अधिकारी, बसिया थाना के सब-इंस्पेक्टर और सहायक जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे.