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सिमडेगा/डेस्क: झारखंड एमपीडब्ल्यू कर्मचारी संघ के राज्यव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के आह्वान पर सोमवार से जिले के एमपीडब्ल्यू कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर अपने कार्यों का निष्पादन किया. साथ ही सरकार के समक्ष अपनी लंबित मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया.
कर्मचारियों ने कहा कि वे आम जनता की स्वास्थ्य सेवाएं बाधित नहीं करना चाहते हैं. इसलिए पहले चरण में नियमित कार्य करते हुए काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया गया. संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्षों से लंबित मांगों के समाधान के लिए कई बार सरकार और स्वास्थ्य विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया गया. लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया. इसी कारण पूरे राज्य के साथ जिले में भी चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया है. एमपीडब्ल्यू कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पिछले लगभग 18 वर्षों से कार्यरत बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का सृजित पदों पर स्थायी समायोजन, जेएसएससी द्वारा बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता के लिए जारी त्रुटिपूर्ण विज्ञापन को रद्द कर संशोधित विज्ञापन जारी करने, वर्ष 2016 से 2025 तक श्रावणी मेला ड्यूटी के लंबित टीए एवं डीए का भुगतान तथा वर्ष 2026 की श्रावणी मेला ड्यूटी से पूर्व सभी बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करना शामिल है.
संघ के लोगों ने कहा कि आंदोलन के तहत 13 से 16 जुलाई तक कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर कार्य करेंगे. 17 से 20 जुलाई तक मांगों से संबंधित संदेश वाली तख्ती लगाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा. 21 से 23 जुलाई तक नियमित कार्य करते हुए भूख हड़ताल की जाएगी. इसके बाद 24 और 25 जुलाई को जिला मुख्यालय स्थित सीएस कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. यदि इसके बाद भी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 27 जुलाई को रांची स्थित स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव कार्यालय का शांतिपूर्ण घेराव किया जाएगा.