मोहर्रम की आठवीं पर पोखरी कलां चौफाल में हुआ निशान अखाड़ों का मिलान, गूंजे या अली-या हुसैन के नारे

Pramod Kumar

ताजिया और निशान मिलान स्थल पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ी

प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत

बरवाडीह/डेस्क:  मोहर्रम की आठवीं तिथि के अवसर पर बुधवार को बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला. कुटमू, सरईडीह, पोखरी कलां, पोखरी खुर्द, बागीचा, कोलपुरवा, बेतला, छेंचा, बरवाडीह सहित आसपास के कई गांवों से निशान अखाड़ा एवं जुलूस निकाले गए. विभिन्न गांवों से निकले अखाड़े निर्धारित मिलान स्थल पोखरी कलां चौफाल पहुंचे, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निशान अखाड़ों का मिलान किया गया. मिलान कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए ताजियादारों और अखाड़ा दलों ने अपने-अपने निशान एवं पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन किया.

पोखरी कलां चौफाल स्थित ताजिया एवं निशान मिलान स्थल पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ी रही. श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ कार्यक्रम में भाग लिया. मोहर्रम इंतजामिया कमेटी के जेनरल खलीफा हेसामुल अंसारी के नेतृत्व में कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया. मिलान के उपरांत फातेहा खानी की रस्म अदा की गई, जिसमें हजरत इमाम हसन और हजरत इमाम हुसैन की याद में दुआएं मांगी गईं तथा उनकी कुर्बानी को याद किया गया.

इस दौरान पूरा क्षेत्र धार्मिक नारों से गूंजता रहा. अकीदतमंदों ने “या अली, या हुसैन”, “हुसैन का दामन नहीं छोड़ेंगे” तथा “इमाम हसन-हुसैन का दामन नहीं छोड़ेंगे” जैसे नारों के साथ अपनी अकीदत और श्रद्धा का इजहार किया. कार्यक्रम में अताउल रहमान, मोहिबुल रहमान मुन्ना, तुफैल फैज, रजाउल, हदीस अंसारी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग जुलूस एवं मिलान कार्यक्रम में शामिल हुए. प्रशासन और कमेटी के सहयोग से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं धार्मिक वातावरण में संपन्न हुआ.

यह भी पढ़ें: टेंपो पलटने से आधा दर्जन से अधिक छात्राएं गंभीर रूप से घायल, इलाज के लिए बिश्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया