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रांची/डेस्क: मौलाना जरजिस अंसारी के भगवान श्री कृष्ण को पांच वक्त का नमाजी बताने वाला बयान सुर्ख़ियों में आ गया है. कई हिंदू संगठन के लोग इस पर नाराजगी जता रहे हैं. इसी बीच बीजेपी झारखंड के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना के तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है.
प्रतुल शाह देव ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण की गीता 5000 वर्ष पुरानी थी और इस्लाम 1400- 500 वर्ष पुराना है. उसके बाद भी अगर कोई धार्मिक उन्माद को फैलाने के लिए ऐसे बयान देता है तो उस पर कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए और कारावास में डालना चाहिए। आगे उन्होंने कहा कि यह देश सनातनियों का अपमान कतई नहीं सहने वाला है.
क्या है पूरा मामला?
बताते चलें 23 जून को झारखंड के मधुपुर में दी गई भाषण का एक वीडियो इस वक्त तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें जरजिस ने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दावा किया है कि वो मुस्लिम थे और वो दीन (इस्लाम) का प्रचार करते थे. मौलाना जरजिस अंसारी ने अपने भाषण के दौरान श्रीमद्भगवद्गीता के एक श्लोक का 'गलत अर्थ' निकालकर अपनी बात को साबित करने की कोशिश भी की.
मौलाना जरजिस अंसारी ने कहा, 'हमारे भाई, अगर बुरा न मानें, तो कृष्ण जी भी पांचों वक्त की नमाज पढ़ा करते थे. यकीन न आए तो श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय का 10वां श्लोक देख लीजिए 'योगी युञ्जीत सततमात्मानं एकाकी', जिसमें कृष्ण जी अर्जुन से कह रहे हैं कि हे अर्जुन, ईश्वर की पूजा करो तो पूरे शरीर का योग करो , यानी पूजा सिर्फ खड़े होकर नहीं, बल्कि पूरे शरीर के साथ होनी चाहिए.'
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