Ranchi: झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे प्रदर्शनकारी छात्र... धारा 163 लागू, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती 

Ark Sahuliyar

JPSC-JSSC अनियमितता को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों ने आज (10 अगस्त) को पूर्व घोषित 'विधानसभा घेराव' को जारी रखने का फैसला लिया है.

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क:
रांची में रविवार को राज्य के मंत्रियों सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा की विशेष कमेटी और प्रदर्शन कर रहे छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीन दौर तक चली वार्ता में सहमति नहीं बन पायी है. ऐसे में JPSC-JSSC अनियमितता को लेकर प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों ने आज (10 अगस्त) को पूर्व घोषित 'विधानसभा घेराव' को जारी रखने का फैसला लिया है. आंदोलनकारी छात्र संगठनों ने विधानसभा मार्च के लिए छात्रों से शांतिपूर्ण मार्च करने की अपील की है. 

BNS की धारा 163 लागू 
सभी प्रदर्शनकारियों को 10 बजे से पहले पुरानी विधानसभा के पास इकठ्ठा होने को कहा गया है, जिसके बाद वो एकजुट होकर झारखण्ड विधानसभा की और शांतिपूर्ण मार्च करेंगे. विधानसभा घेराव को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इन्तेजाम किए हैं. नयी विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में BNS की धारा 163 लागू की गयी है. छात्रों को रोकने के लिए विधानसभा जाने वाले सभी रास्तों में जगह-जगह बैरिकैडिंग की गयी है. चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती की गयी है. 

सरकार और छात्रों के बीच नहीं बनी सहमति
झारखंड सरकार के मंत्रियों और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में अधिकांश मुद्दों पर सहमति बनने का दावा किया गया, लेकिन सीजीएल परीक्षा रद्द करने, एज रिलैक्सेशन और सीबीआई जांच जैसे प्रमुख मुद्दों पर बात नहीं बन सकी. बैठक के दौरान सरकार ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग पर सहमति जताई. वहीं, एज रिलैक्सेशन के मुद्दे पर सरकार और छात्रों के बीच सहमति नहीं बन पाई. दूसरी ओर, सीजीएल परीक्षा को लेकर सरकार ने छात्रों से समय मांगा है, जबकि छात्र संगठन सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग पर अब भी अड़े हुए हैं.

सीजीएल रद्द करने पर सरकार ने मांगा समय
वार्ता में सरकार की ओर से कहा गया कि सीजीएल परीक्षा कोर्ट के निर्देश पर आयोजित हुई है, इसलिए सरकार इसे सीधे रद्द नहीं कर सकती. सरकार ने इस मुद्दे पर विचार के लिए समय मांगा है. वहीं, छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि सीजीएल परीक्षा को लेकर उनकी मुख्य मांग परीक्षा रद्द करने की है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. छात्र संगठनों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग भी दोहराई है.

98 फीसदी मुद्दों पर सहमति का दावा
सरकार की ओर से वार्ता के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा गया कि छात्रों की लगभग 98 फीसदी मांगों और मुद्दों पर सहमति बन चुकी है. सरकार ने मामले की निष्पक्ष समीक्षा के लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने पर भी सहमति जताई है. इसके अलावा सरकार ने विभिन्न मांगों से जुड़े मामलों में 90 दिनों के भीतर चार सीट दाखिल करने का आश्वासन दिया है. हालांकि छात्रों ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है. 

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