न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क: उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले में दो आरोपियों मोनू कुमार और सोनू शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पीड़क कार्रवाई पर रोक को बरकरार रखा है. अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की कोर्ट में इस केस में सुनवाई के दौरान दोनों आरोपी भाई हाजिर हुए. सुनवाई करते हुए दोनों भाइयों की पीड़क कार्रवाई पर रोक कोर्ट ने बरकरार रखा है.
पिता की मृत्यु होने के कारण दोनों भाइयों ने कोर्ट से पीड़क कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी. बता दें कि अंतराज्यीय पेपर लीक और सॉल्वर गिरोह के एजेंट दोनों आरोपी हैं. इस मामले में 160 से अधिक आरोपी अभ्यर्थियों को अब तक जमानत मिल चुकी है. वही गिरोह के 6 आरोपियों को जमानत की सुविधा देने से कोर्ट ने इनकार कर दिया है.
11 अप्रैल को पुलिस ने उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले में 166 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. तमाड़ के रड़गांव से पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया था. अंतराज्यीय पेपर लीक और पेपर सॉल्वर गिरोह सरगना के 5 आरोपी भी शामिल हैं. गिरोह के अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह,आशीष कुमार, और योगेश प्रसाद भी आरोपियों में शामिल थे. गैंग के एजेंटों द्वारा अभ्यर्थियों को प्रश्न और उसके उतर रटाया जा रहा था. तमाड़ के रड़गांव में अभ्यर्थियों को जमा किया गया था. 11 अप्रैल की रात को पुलिस को सूचना मिली थी कि रड़गांव में एक अर्ध निर्मित स्थान पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का जमावड़ा लगा है. जिसको लेकर विशेष छापेमारी दल ने 11अप्रैल की देर रात धावा बोला. जहां अर्धनिर्मित भवन के बाहर गाड़ियों का जमावड़ा लगा था. भवन के पास जैसे ही छापेमारी दल पहुंचा, लोग इधर-उधर भागने लगे, लेकिन कार्रवाई करते है पुलिस ने 166 को धर दबोचा था. बाद में भी पुलिस ने और भी कई गिरफ्तारियां की थी. मामले में तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 के तहत दर्ज की गई है प्राथमिकी.
यह भी पढ़ें: विमान ईंधन की भर्ती कीमत को देखते हुए रांची समेत देश के चार डेस्टिनेशन पर विमान सेवा 1 जुलाई से हो जाएंगी बंद