कोल्हान और पोड़ाहाट के जंगलों में AK-47 लेकर घूमने वाला 10 लाख का इनामी जोनल कमांडर सालुका कायम ने किया सरेंडर

Ark Sahuliyar

सुरक्षा बलों के दबाव से कमजोर पड़ा नेटवर्क, मिसिर बेसरा का करीबी था सालुका

रोहन निषाद/न्यूज़11 भारत 
चाईबासा/डेस्क:
पश्चिमी सिंहभूम जिले में नक्सल विरोधी अभियान के बीच प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन के कमजोर होने की खबर है. सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को 10 लाख रुपये के इनामी जोनल कमांडर सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर उर्फ डांगिल ने दो महिला माओवादियों पिंकी और कुदुमुनि के साथ जिला पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. 

कौन है सालुका कायम
जानकारी के मुताबिक सालुका कायम के अन्य नाम सालुका, डांगिल, मारू और भुवनेश्वर हैं. वह सीपीआई माओवादी के साउथ जोन सेंट्रल कमेटी (SZC) का सक्रिय सदस्य बताया जाता है. उसका नाम इनामी नक्सलियों की सूची में शामिल है. रिकॉर्ड में वह सोडो कायम का बेटा है और सोनुवा थाना क्षेत्र के कुदाबुरू कायमसाई गांव का निवासी है.

सरेंडर की वजह
सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, जंगलों में बढ़ते दबाव और संगठन के टूटते नेटवर्क के कारण तीनों ने सरेंडर करने का फैसला लिया. पुलिस ने फिलहाल सालुका के सरेंडर करने की पुष्टि नहीं की है. लेकिन विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि उसने अपने दस्ते के दो महिला नक्सलियों के साथ हथियार डाल दिया है. 

संगठन को बड़ा झटका
बताया जा रहा है कि सालुका शीर्ष नक्सली नेता मिसिर बेसरा का करीबी सहयोगी था. मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद एजेंसियों ने शेष नेटवर्क पर शिकंजा और कस दिया था. ऐसे में सालुका का सरेंडर संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

कोल्हान में अभियान तेज
पिछले कुछ महीनों से कोल्हान इलाके में सुरक्षाबलों का अभियान तेज है. सूत्रों के अनुसार सालुका के सरेंडर के बाद कोल्हान में माओवादी संगठन का सक्रिय नेटवर्क लगभग समाप्त हो गया है.

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