यूरिया और डी.ए.पी. की कालाबाजारी व जमाखोरी पर सख्त नजर, टास्क फोर्स को नियमित जांच के निर्देश

Pramod Kumar,News11 Bharat,

बैठक में उपायुक्त ने कहा- खरीफ मौसम में किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना प्राथमिकता <br/>

संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत

पलामू/डेस्क: पलामू उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने गुरुवार को अपने कार्यालय कक्ष से वर्चुअल माध्यम से यूरिया एवं डी.ए.पी. उर्वरकों की कालाबाजारी एवं जमाखोरी की रोकथाम को लेकर गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक की. बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी एवं पड़वा अंचलाधिकारी कार्यालय कक्ष से जुड़े, जबकि जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं अन्य अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए.बैठक में उपायुक्त ने कहा कि खरीफ मौसम में किसानों को निर्धारित मूल्य पर समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी परिस्थिति में यूरिया एवं डी.ए.पी. की कृत्रिम किल्लत, कालाबाजारी अथवा जमाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने टास्क फोर्स के सभी सदस्यों को नियमित रूप से उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.उपायुक्त श्री शेखावत ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को अपने प्रतिष्ठान में निर्धारित मूल्य सूची (रेट चार्ट), आवश्यक सूचनाएं एवं वैध लाइसेंस प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को उर्वरक का वितरण केवल ई-पॉश (e-POS) मशीन के माध्यम से आधार सत्यापन के उपरांत ही किया जाए. बिना ई-पॉश एवं आधार सत्यापन के किसी भी स्थिति में उर्वरक का वितरण नहीं किया जाएगा.उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित रूप से टास्क फोर्स की बैठक 
आयोजित करने तथा खाद वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके

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