मौसम के लिहाज से आषाढ़ महीना खास, जमीन में होती है नमी, लगाए जाते है पेड़-पौधे, - मुकुंद साव

Pramod Kumar

मान्यता है कि इस महीने में की गई पूजा, साधना और उपासना से मनोकामनाएं पूरी होती हैं

वीरेन्द्र शर्मा/न्यूज़ 11 भारत                

बरही/डेस्क:  30 जून 2026 से आषाढ़ का महीना शुरू हो चुका है.जो 29 जुलाई को समाप्त  होगा, फिर हिंदुओं का धार्मिक मास श्रावण मास प्रारंभ होगा,हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ वर्ष का चौथा महीना होता है, जो चैत्र, वैशाख और ज्येष्ठ के बाद आता है. यह महीना मौसम के लिहाज से बेहद खास माना जाता है, क्योंकि यह गर्मी और वर्षा के बीच का संधि काल होता है. इसी समय से वर्षा ऋतु की शुरुआत भी होती है.

आषाढ़ के महीने में वातावरण में नमी बढ़ने लगती है और मौसम धीरे-धीरे बदलता है. इसी वजह से इस दौरान संक्रमण, बुखार और अन्य बीमारियों का खतरा भी अधिक रहता है, क्योंकि शरीर को बदलते मौसम के अनुसार ढलने में समय लगता है.उक्त बातें आज आषाढ़ मास के प्रारंभ होने पर साहित्यकार सह भाजपा नेता मुकुंद साव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है, उन्होंने बताया है कि धार्मिक दृष्टि से आषाढ़ का महीना बहुत महत्वपूर्ण माना गया है.

मान्यता है कि इस महीने में की गई पूजा, साधना और उपासना से मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यही कारण है कि इसे कामना पूर्ति का महीना भी कहा जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष आषाढ़ माह 30 जून से शुरू होकर 29 जुलाई तक रहेगा. इस महीने का नाम आषाढ़ इसलिए पड़ा क्योंकि इसकी पूर्णिमा तिथि पर पूर्वाषाढ़ा या उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का संयोग होता है,* साव* ने बताया कि इस महीने में कई अच्छे पर्व त्यौहार भी पड़ते है, जैसे - 

आषाढ़ मास में आम, सत्तू, ककड़ी, परवल, करेला तथा चावल का सेवन लाभदायक है,जबकि पका हुआ बेल, गोभी, बैंगन और तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए,आषाढ़ माह में खेल का बहुत महत्व है, जहां कही भी जाएं तो वर्षा से बचने का साधन लेकर जाएं,आषाढ़ मास में चूंकि जमीन में नमी हो जाता है इसलिए पेड़ पौधे खूब लगाएं,भविष्य के लिए लाभदायक होगा,

यह भी पढ़ें: जुलाई महीने में लगातार हो रही बारिश दे रही राहत, मौसम विभाग ने कहा- 7 जुलाई तक झारखंड में होगी अच्छी बारिश