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रांची/डेस्क: झारखंड में 28 से 30 जून 2026 तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों को लेकर गुरुवार को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई. बैठक में अभियान की तैयारियों, विभागीय समन्वय तथा शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई.
बैठक में बताया गया कि अभियान के अंतर्गत राज्य के 5 वर्ष से कम आयु के लगभग 61.26 लाख बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अभियान के प्रथम दिन 28 जून को पूरे राज्य में स्थापित 24,507 पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी. इसके बाद 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों तक पहुंचेंगी जो बूथों पर नहीं आ सके हैं, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह जाए.
बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए पूर्ण समन्वय एवं सक्रिय सहयोग सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने विशेष रूप से आईसीडीएस, पंचायती राज विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को अभियान में अपनी पूरी क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहिया, पंचायत प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह, ग्राम स्तरीय संगठन तथा ग्रामीण विकास विभाग के कर्मी समुदाय तक जागरूकता संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं. साथ ही मीडिया संस्थानों से भी अपील की गई कि वे पोलियो उन्मूलन के संदेश को राज्य के प्रत्येक गांव, टोला एवं बस्ती तक पहुंचाने में सक्रिय सहयोग प्रदान करें.
अपर मुख्य सचिव ने राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया कि अभियान के तीनों दिनों के दौरान प्रतिदिन शाम को समीक्षा एवं डी-ब्रीफिंग बैठक आयोजित कर दिनभर की प्रगति का आकलन करें. उन्होंने कहा कि यदि कहीं बच्चों के छूटने, कम कवरेज, टीमों की अनुपस्थिति, प्रतिरोध अथवा अन्य चुनौतियों की जानकारी मिलती है तो वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि अगले दिन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके तथा शत-प्रतिशत बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित हो.
बैठक में यह भी बताया गया कि भारत वर्ष 2011 से वाईल्ड पोलियो वायरस से मुक्त है, लेकिन दुनिया के कुछ देशों में अब भी पोलियो वायरस का संचरण जारी रहने के कारण सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है. ऐसे में प्रत्येक अभियान के दौरान प्रत्येक बच्चे तक पहुंचना अत्यंत महत्वपूर्ण है.
अजय कुमार सिंह ने राज्य के सभी अभिभावकों से अपील की कि वे 28 जून को अपने 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर अवश्य लेकर जाएं तथा घर-घर आने वाली स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करें. उन्होंने कहा कि बच्चे ने पहले कितनी भी बार पोलियो की दवा ली हो, हर अभियान में पोलियो की खुराक पिलाना आवश्यक है, क्योंकि यही पोलियो उन्मूलन की सफलता की कुंजी है.
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