दो वर्षों से खराब पड़ी सोलर जलमीनार, पेयजल संकट से जूझ रहे अम्बाटोली के ग्रामीण

Pramod Kumar,News11 Bharat,

ग्रामीणों का आरोप- जनप्रतिनिधियों और पेयजल विभाग को सूचना देने के बावजूद जलमीनार की मरम्मत नहीं कराई गई

प्रेम कुमार सिंह/न्यूज 11 भारत.

भरनो/डेस्क: भरनो प्रखंड के सुपा पंचायत अंतर्गत अम्बाटोली गांव में ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत लगाया गया सोलर आधारित जलमीनार पिछले दो वर्षों से खराब पड़ा है.इसके कारण गांव की बड़ी आबादी गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रही है.ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और पेयजल विभाग को सूचना देने के बावजूद अब तक जलमीनार की मरम्मत नहीं कराई गई,जिससे लोगों में नाराजगी है.ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करीब दो वर्ष पहले सोलर आधारित जलमीनार लगाया गया था.शुरुआत में यह करीब तीन - चार महीने तक सुचारु रूप से चला,लेकिन उसी दौरान क्षेत्र में हुई तेज ओलावृष्टि के बाद जलमीनार खराब हो गया.इसके बाद से यह पूरी तरह बंद पड़ा है और आज तक इसकी मरम्मत नहीं हो सकी है.

गांव के सुखदेव उरांव,बुधवा उरांव,सुखू उरांव, रामा उरांव,सनिका उरांव,वीरेंद्र उरांव,बिरसा उरांव सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि जलमीनार खराब होने के बाद इसकी सूचना पंचायत के मुखिया और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों को दी गई थी.कई बार मरम्मत की मांग भी की गई,लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.जलमीनार बंद होने के कारण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है.मजबूरी में लोग कुओं और डाड़ी का पानी पीने को विवश हैं.बरसात के मौसम में इन स्रोतों का पानी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जाता,जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बना रहता है.स्थिति इसलिए भी अधिक गंभीर है क्योंकि जिस स्थान पर जलमीनार लगाया गया है,उसके समीप ही एक प्राथमिक विद्यालय संचालित है.

विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को मध्यान्ह भोजन के बाद पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है.कई बार बच्चों को घर से पानी लाना पड़ता है या फिर आसपास के असुरक्षित जलस्रोतों का सहारा लेना पड़ता है.ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है,लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण योजनाओं का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है.उनका कहना है कि यदि समय पर जलमीनार की मरम्मत कर दी जाती तो गांव के लोगों और स्कूली बच्चों को इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता.ग्रामीणों ने जिला एवं प्रखंड प्रशासन और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से मांग की है कि अम्बाटोली गांव के विद्यालय के समीप स्थित खराब सोलर जलमीनार की अविलंब मरम्मत कर उसे पुनः चालू कराया जाए,ताकि ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके और वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान हो.

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