यूसिल सामुदायिक केन्द्र जादूगोड़ा में सजा आदिवासी संस्कृति का रंग, जय आदिवासी के नारों से गूंजा जादूगोड़ा

Pramod Kumar,News11 Bharat,

आधुनिक भारत के निर्माण में आदिवासियों की अहम भूमिका - दामु नायक

विद्या शर्मा/न्यूज11  भारत

जादूगोड़ा/डेस्क:  विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर  यूसिल आवासीय  कॉलोनी जादूगोड़ा में आदिवासी महोत्सव  का भव्य आयोजन किया गया. जिसका उद्घाटन  उपस्थित अतिथियों  ने अपने दिवंगत पूर्वजों को पूजा _ अर्चना व गीत के जरिय ईश्वर को याद कर की. यूसिल अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संघ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में संघ के  कार्यकारी अध्यक्ष दामु नायक, माझी बाबा बीरेन टुडू, साहित्य अकादमी पुरुस्कार से सम्मानित दुर्गा प्रसाद मुर्मू, गुरुबारी सरदार,  सृजन टुडू,  सुरजीत सोरेन  एस के सोरेन ने  आदिवासी समाज की समृद्ध परंपरा, भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति एवं विरासत को संरक्षित एवं संवर्धित करने पर विशेष जोर दिया गया. महोत्सव के माध्यम से आदिवासी संस्कृति की विविधता और समृद्ध विरासत को आम लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का संदेश दिया गया. वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी समृद्ध भाषा, संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली से है. हमें अपनी संस्कृति को हमेशा ध्यान में रखना होगा और आने वाली पीढ़ी को भी अपनी भाषा एवं संस्कृति से जोड़कर रखना होगा. उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हमारे बच्चे अपनी मातृभाषा, लोक परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत को समझें तथा उसे आगे बढ़ाने का कार्य करें. कार्यक्रम के अंत में जय आदिवासी के नारों से  जादूगोड़ा गूंज उठा
महोत्सव के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीत, संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां पेश का सबका मन मोह लिया. इस दौरान 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने वाले छात्र _ छात्राओं को  अतिथियों ने पुरस्कृत कर सम्मानित किया.

कार्यक्रम को सफल बनाने में शामिल संघ के लोग

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