आदिवासी संगठनों को परिसीमन से 6 आदिवासी विधानसभा सीट कम होने का भय, 1971 की जनगणना को आधार बनाने की मांग

Pramod Kumar,News11 Bharat,

न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क: परिसीमन और सरना धर्म कोड पर आदिवासी संगठनों का बड़ा बयान सामने आया है. रांची प्रेस क्लब में आदिवासी छात्र संघ झारखंड और राजी पड़हा सारना प्रार्थना सभा भारत की संयुक्त प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा- कि झारखंड में आदिवासी आबादी करीब 26 प्रतिशत है. वक्ताओं ने आबादी के आधार पर परिसीमन होने पर आदिवासी प्रतिनिधित्व घटने की आशंका जताई.

वक्ताओं ने कहा कि परिसीमन के बाद 6 आदिवासी विधायक सीटें कम हो सकती हैं. वर्तमान में राज्य में 28 विधानसभा सीटें आदिवासियों के लिए आरक्षित है. 

प्रेस वार्ता में आदिवासी संगठन के वक्ताओं ने मांग उठाई है कि पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों में 1971 की जनगणना के आधार पर ही परिसीमन होना चाहिए. परिसीमन के मुद्दे पर 20 वर्ष पहले भी बड़े आंदोलन होने की बात भी कही गयी. 

इसके साथ ही आदिवासी समाज को एकजुट होकर परिसीमन का विरोध करने का आह्वान भी आदिवासी संगठनों ने किया है. इसके साथ ही सरना धर्म कोड को जल्द लागू करने की मांग फिर उठाई गयी.

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