पश्चिमी सिंहभूम DMFT अनियमितता पर राज्यपाल से शिकायत, उच्च स्तरीय जांच की मांग

Vaibhaw Vikram

न्यूज1 भारत
रांची/डेस्क:
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से आज भारत आदिवासी पार्टी, पश्चिमी सिंहभूम के जिला अध्यक्ष सुशील बाड़ला के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने लोक भवन, रांची में भेंट की तथा विभिन्न जनहित से जुड़े विषयों पर ज्ञापन समर्पित किया. शिष्टमंडल ने राज्यपाल महोदय का ध्यान पश्चिमी सिंहभूम जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT), चाईबासा के कार्यों में कथित अनियमितताओं की ओर आकृष्ट करते हुए मामले की उच्च स्तरीय जाँच झारखण्ड उच्च न्यायालय की निगरानी में कराए जाने हेतु पहल करने का आग्रह किया. 

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत अधिसूचित एवं खनिज सम्पदा से समृद्ध पश्चिमी सिंहभूम जिले में खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के उद्देश्य से जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट में बड़ी राशि उपलब्ध है, किंतु इसके बावजूद अनेक प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का अपेक्षित लाभ स्थानीय लोगों तक समुचित रूप से नहीं पहुंच पा रहा है. ज्ञापन में विशेष रूप से मनोहरपुर प्रखंड के राजस्व ग्राम लाइलोर में स्थापित जलापूर्ति योजना का उल्लेख करते हुए कहा गया कि इसके माध्यम से नौ गांवों के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाना था, किन्तु पाइपलाइन का कार्य पूर्ण नहीं होने के कारण ग्रामीण आज भी दूषित जल के उपयोग को विवश हैं.

इसके अतिरिक्त शिष्टमंडल द्वारा सारंडा वन क्षेत्र में वर्ष 2005 से पूर्व से निवास कर रहे लोगों को वनाधिकार अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुरूप वनाधिकार पट्टा प्रदान करने तथा उन्हें संविधान प्रदत्त मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक पहल किए जाने का अनुरोध भी किया गया.

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