पश्चिमी सिंहभूम में चार रेलवे ओवरब्रिज परियोजनाओं पर भूमि अधिग्रहण में तेजी, डीसी ने दिए सख्त निर्देश

Vaibhaw Vikram

रोहन निषाद/न्यूज़11 भारत
चाईबासा/डेस्क:
पश्चिमी सिंहभूम जिले में चार रेलवे लेवल क्रॉसिंगों पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को लेकर जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है.  समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में आरबीके-21, आरबीके-24, आरबीके-26 एवं आरबीके-30 लेवल क्रॉसिंगों पर प्रस्तावित आरओबी निर्माण कार्य के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रगति की समीक्षा बैठक हुई.

लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन हो
बैठक में उपायुक्त ने प्रत्येक परियोजना के तहत अधिग्रहित की जाने वाली भूमि, लंबित प्रकरणों, मुआवजा भुगतान, रैयतों से समन्वय, अभिलेखीय त्रुटियों के निराकरण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं की बिंदुवार जानकारी ली. उन्होंने कहा कि रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण सुगम एवं सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के साथ यातायात जाम की समस्या को कम करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है. डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े सभी लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर किया जाए. इससे निर्माण कार्यों में बाधा न आए और परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी हों.

रैयतों से सतत संवाद का निर्देश
उपायुक्त ने जिला भू अर्जन पदाधिकारी एवं संबंधित अंचलाधिकारियों को नियमित क्षेत्रीय निरीक्षण करने और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने को कहा. उन्होंने प्रभावित रैयतों के साथ सतत संवाद स्थापित कर प्रक्रियाओं को पारदर्शी और सुगम बनाने का निर्देश दिया.

विभागों के बीच समन्वय पर जोर
डीसी ने राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल और राजस्व विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा. सभी विभाग नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें और बाधाओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें. उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा. सभी संबंधित विभाग अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता से करें.

बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा, जिला भू अर्जन पदाधिकारी, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल चाईबासा तथा संबंधित अंचलाधिकारी उपस्थित रहे. प्रशासन ने इन महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्णय लिया.

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