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लोहरदगा/डेस्क: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, क्षेत्रीय केंद्र रांची एवं कृषि विज्ञान केंद्र, लोहरदगा के संयुक्त तत्वावधान में जनजातीय उपयोजना के अंतर्गत कृषि जैव विविधता संरक्षण एवं कृषि सामग्री वितरण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी अधिकारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मोनू कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह पंवार तथा कृषि विज्ञान केंद्र की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. किरण सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी कालेन खलखो, जिला उद्यान पदाधिकारी सौरभ लोहानी अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
इस अवसर पर अतिथियों का पारंपरिक आदिवासी गमछा ओढ़ाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया. कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. मोनू कुमार ने कहा कि कृषि जैव विविधता का संरक्षण समय की आवश्यकता है. स्थानीय धान एवं अन्य पारंपरिक फसल किस्में हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें संरक्षित रखते हुए वैज्ञानिक तकनीकों के साथ खेती को बढ़ावा देना जरूरी है. वहीं डॉ. नरेंद्र सिंह पंवार ने गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन, बीज संरक्षण तथा उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी दी.
कृषि विज्ञान केंद्र की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. किरण सिंह ने किसानों को क्षेत्र विशेष के अनुरूप फसल प्रबंधन, उन्नत उत्पादन तकनीक तथा वैज्ञानिक कृषि पद्धति अपनाने की सलाह दी. कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों की समस्याएं भी सुनीं और उनके समाधान बताए. कार्यक्रम के दौरान 300 जनजातीय किसानों के बीच उन्नत धान बीज, स्प्रे मशीन तथा अनाज भंडारण पात्र का वितरण किया गया.
वैज्ञानिकों ने बताया कि उन्नत बीजों के उपयोग एवं वैज्ञानिक खेती से उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि होगी. किसानों ने कृषि जैव विविधता संरक्षण तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का संकल्प लिया. इस अवसर पर डॉ. देवकांत, डॉ. धर्मा उरांव, मुकेश कुमार, कौशिक चटर्जी, पंकज सिंह ओम प्रकाश साहू, रिजवान अंसारी सहित कृषि विभाग के अधिकारी, वैज्ञानिक एवं बड़ी संख्या में जनजातीय किसान उपस्थित रहे.
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