प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत
बरवाडीह/डेस्क: बरवाडीह मे विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया. स्थानीय आरके प्लस टू उच्च विद्यालय मैदान में आयोजित कार्यक्रम में प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए. कार्यक्रम में झारखंड की कला-संस्कृति और पारंपरिक नृत्य की शानदार प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया.
कार्यक्रम की शुरुआत पुराने प्रखंड परिसर में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई. मुख्य अतिथि विधायक रामचंद्र सिंह, जिला परिषद सदस्य संतोषी कुमारी, बीडीओ रेशमा रेखा मिंज, सीओ लवकेश सिंह, फादर जॉर्ज, फादर राजेश बरला सहित अन्य अतिथियों ने बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. इसके बाद बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, स्वामी विवेकानंद और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की प्रतिमाओं पर भी माल्यार्पण किया गया.
इसके बाद अतिथियों ने बालक छात्रावास परिसर में पौधारोपण किया. विद्यालय मैदान में दीप प्रज्वलित कर मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. विभिन्न पंचायतों से आए सांस्कृतिक दलों ने स्वागत गीत और पारंपरिक झारखंडी नृत्य प्रस्तुत किया. मोरवाई, लात, चुगरू, हरातू, उकामाड़ सहित विभिन्न पंचायतों की दो दर्जन से अधिक सांस्कृतिक मंडलियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया. कलाकारों की प्रस्तुतियों पर विधायक सहित अन्य अतिथि भी झूमते नजर आए और दर्शकों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया.
आयोजन समिति की ओर से सांस्कृतिक मंडलियों के कलाकारों को विधायक की ओर से प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया.
मौके पर विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि बरवाडीह प्रखंड में पहली बार विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन होना सराहनीय पहल है. आदिवासी समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा को सबसे अधिक प्राथमिकता देने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि जो लोग शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़े हैं, उन्हें पिछड़े आदिवासी परिवारों के बच्चों को शिक्षित करने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए. साथ ही आदिवासी समाज को तोड़ने वाले सामाजिक तत्वों और संस्थाओं से सतर्क रहने की अपील की.
जिला परिषद सदस्य संतोषी कुमारी ने कहा कि आदिवासी समाज की सभ्यता, संस्कृति और परंपरा पूरे देश की पहचान है. इसे संरक्षित करते हुए समाज को आगे बढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने आदिवासी समाज का इस्तेमाल करने वाले लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ आवाज उठाने की बात कही.
फादर राजेश बरला ने कहा कि आदिवासी समाज को पिछड़ेपन से बाहर निकालने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा. आदिवासी समाज की सभ्यता, संस्कृति और संस्कार देश और समाज की महत्वपूर्ण पहचान हैं.
मौके पर कांग्रेस के प्रदेश सचिव रवींद्र राम, राजद के प्रदेश महासचिव अजय चंद्रवंशी, पूर्व शिक्षक केदार सिंह, सेवानिवृत्त सीओ जनेश्वर सिंह, सुकन सिंह, विजय बहादुर सिंह, बिरजू राम, नंदेव सिंह, विशुत्री के अध्यक्ष नसीम अंसारी, प्रिंस प्रसाद गुप्ता, आशुतोष सिंह चेरो, देवराज सिंह, इंजीनियर मृत्युंजय सिंह, अनिल कुमार सिंह, शिवानंद तिवारी, मनोज कुमार सिंह, प्रेम सिंह, पिंटू सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.
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