मध्य प्रदेश

प्रोस्टेट बीमारी में इमामत नहीं कर सकते शहर काजी,आज होगी बैठक

Bhopal masjid vivad: भोपाल में जामे एहतमाम मसाजिद कमेटी के दारुल इफ्ता की ओर से जारी एक फतवा सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद की स्थिति बन गई है।

[caption id="attachment_141264" align="alignnone" width="901"] एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद[/caption]

शहर काजी से जोड़कर प्रसारित कर रहे

दस्तावेज में एक धार्मिक सवाल के जवाब में बीमारी की स्थिति में इमामत से जुड़ा शरई मत बताया गया है, लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे भोपाल के शहर काजी से जोड़कर प्रसारित कर रहे हैं।

Bhopal masjid vivad: बता दें की दारुल इफ्ता जाम-ए-एहतमाम मसाजिद कमेटी, भोपाल के नाम से जारी इस दस्तावेज में पूछे गए सवाल में लिखा है कि “किसी शहर के काजी साहब” जो प्रोस्टेट की बीमारी से पीड़ित हैं और जिन्हें पेशाब की बूंदें आने की समस्या है, क्या उनके पीछे नमाज पढ़ना सही होगा या नहीं। इसी सवाल के जवाब में फतवा जारी किया गया है।

[caption id="attachment_141263" align="alignnone" width="898"] फतवा[/caption]

किसने दिया फतवा

यह फतवा 9 मार्च 2026 को नायब मुफ़्ती सैयद अहमद खान कासमी की ओर से जारी बताया गया है, जिस पर मुफ़्ती-ए-शहर भोपाल की मुहर भी लगाई गई है।

दस्तावेज में सवाल भोपाल के पीरगेट निवासी सहेल अली की ओर से पूछा गया था। हालांकि पूरे दस्तावेज में कहीं भी भोपाल के मौजूदा शहर काज़ी का नाम नहीं है।

Bhopal masjid vivad: इसके बावजूद सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे सीधे शहर काज़ी से जोड़कर टिप्पणियां कर रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बन गई है। धार्मिक जानकारों का कहना है कि इस तरह के फतवे आम तौर पर शरई नियम स्पष्ट करने के लिए दिए जाते हैं और यह जरूरी नहीं होता कि वह किसी खास व्यक्ति के बारे में हो।

आज होगी अहम बैठक

इस फतवे के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने अहम बैठक बुलाई है जिसमें तमाम मुस्लिम धर्म गुरु और संगठनों को बुलाया गया है।