मध्य प्रदेश

CM डॉ. मोहन यादव ने Women's day पर महिलाओं को दी शुभकामनाएं...

CM Dr. Mohan Yadav: हर साल 8 मार्च को 'विमेंस डे' मनाया जाता है। इसका उद्देश्य महिलाओं के त्याग, संघर्ष , उपलब्धियों और समाज में उनके योगदान को याद करने के लिए मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि महिलाओं के बिना हर घर, समाज कितना अधूरा है, जब महिलाएं आगे बढ़ती है। उन्हें बराबरी के अवसर मिलते हैं। तो सिर्फ उसकी तरक्की नहीं होती बल्कि पूरा समाज और देश तरक्की की ओर बढ़ता है। आज देशभर में महिला दिवस मनाया जा रहा हैं। ऐसे में इस अवसर पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने भी महिलाओं को महिला दिवस की बधाई दी है।

[caption id="attachment_139425" align="alignnone" width="1850"] CM Dr. Mohan Yadav[/caption]

सीएम डॉ. मोहन यादव ने महिला दिवस की दी बधाई

सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया के एक्स हैंडल पर महिलाओं का एक वीडियो शेयर कर सभी महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा कि- 'अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

देश, समाज एवं परिवार की प्रगति में हर चुनौती में सहभागी रहने वाली मातृशक्ति को शत्-शत् नमन करता हूं। आप हर क्षेत्र में सफल हों, नए प्रतिमान गढ़ें, यही मेरी मंगलकामनाएं हैं।'

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत 20वीं सदी में हुई थी। उस समय दुनिया के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं ने अपने कामकाजी अधिकारों, बेहतर वेतन और सुरक्षित कार्यस्थल के लिए संघर्ष कर रही थीं। साल 1908 में न्यूयॉर्क में हजारों महिलाओं ने अपने काम के घंटे कम करने और बेहतर वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यह आंदोलन महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई का एक महत्वपूर्ण कदम था। सन 1910 में जर्मनी की सामाजिक कार्यकर्ता Clara Zetkin ने कोपेनहेगन में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्ताव रखा कि महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए हर साल एक अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाना चाहिए। 1911 में पहली बार कई यूरोपीय देशों में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। इसके बाद यह आंदोलन धीरे-धीरे दुनिया के कई देशों में यह दिन महिला दिवस के रुप में मनाया जाने लगा। 1975 में United Nations ने आधिकारिक रूप से 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मान्यता दी। तब से यह दिन पूरी दुनिया में महिलाओं की समानता, अधिकार और सशक्तिकरण का प्रतीक बन गया है।