मध्य प्रदेश

धार में अतिक्रमण हटाने गई टीम पर पथराव, TI और महिला पुलिसकर्मी घायल, इंदौर रेफर

Dhar stone pelting incident: MP के धार जिले के सिरसोदिया गांव में शनिवार सुबह अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। घटना सुबह करीब 10 बजे हुई। अचानक हुए पथराव से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए हाईवे पर भी यातायात प्रभावित हो गया। धामनोद थाना प्रभारी प्रवीण ठाकरे और एक महिला पुलिसकर्मी घायल हो गए। धामनोद थाना प्रभारी को टोल एंबुलेंस से धामनोद के लिए रेफर किया गया है। वहीं एक महिला कांस्टेबल को भी धामनोद अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया है।

[caption id="attachment_139282" align="alignnone" width="1321"] धामनोद थाना प्रभारी प्रवीण ठाकरे गंभीर रूप से घायल[/caption]

अतिक्रमण हटाने गई टीम पर पथराव

दरअसल, सिरसोदिया में तहसीलदार कुणाल आवासीय, नायब तहसीलदार कृष्णा पटेल, धामनोद SDOP मोनिका सिंह, थाना प्रभारी प्रवीण ठाकरे और पटवारी राहुल ठाकुर सहित करीबन 25 लोगों की टीम शासकीय जमीन पर अवैध रूप से बने मकान को हटाने पहुंची थी। इसी दौरान ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। तहसीलदार की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए। हालात पर काबू पाने के लिए प्रशासन ने आसपास के थानों से पुलिस बल बुलाया। मनावर SDM भी मौके पर पहुंचे।

[caption id="attachment_139284" align="alignnone" width="1257"] प्रशासनिक टीम की गाड़ियां तोड़ी[/caption]

Dhar stone pelting incident: विधायक पर आरोप

जिस मकान को गिराने टीम पहुंची थी, उसका 25% हिस्सा विधायक कालू सिंह ठाकुर की कृषि जमीन में आता है, वहीं 25% हिस्सा किसी और की जमीन का है। इसकी वजह से दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। मकान में रहने वालों का कहना है कि अधिकारी हमें जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर मेडिकल के लिए हॉस्पिटल ले आए। मेरी मां, 2 बहनों और भाभी की हालत गंभीर है। हमारे परिवार की जो भी हालत है, वो विधायक की वजह से है। अगर मेरी मां को कुछ हुआ तो इसके जिम्मेदार विधायक कालू सिंह होंगे। मैं उन्हें जेल भिजवा दूंगी।

क्या बोले तहसीलदार 

वहीं धामनोद के नायब तहसीलदार कृष्णा पटेल ने कहा- सिरसोदिया गांव में अनिल, अनीता, धर्मेंद्र और पल्लवी की निजी जमीन का सीमांकन कराया गया था। सीमांकन के दौरान पाया गया कि उस जमीन पर कब्जा कर रखा है। इसके बाद जमीन मालिकों ने कब्जा हटाने के लिए राजस्व न्यायालय में धारा 250 के तहत प्रकरण दर्ज कराया। सुनवाई के बाद फैसला अनिल, अनीता और पल्लवी के पक्ष में दिया गया। इस फैसले के खिलाफ कब्जाधारियों ने सिविल न्यायालय में वाद दायर किया। वहां उनकी आपत्ति खारिज हो गई।